रक्षा मंत्रालय ने गुरुवार को भारतीय सेना के लिए आईएनवीएआर एंटी-टैंक मिसाइलें की खरीदरी के लिएसार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी भारत डायनामिक्स लिमिटेड (बीडीएल) के साथ 2,095 करोड़ रुपये का समझौता किया है।ये मिसाइलें सेना की युद्धक क्षमताओं को बढ़ाने के लिए खरीदी जा रही हैं।
मंत्रालय ने बताया कि ये मिसाइलें ‘बाय इंडियन’ (भारत निर्मित) श्रेणी के तहत खरीदी जा रही हैं ताकि देश में बने हथियारों को बढ़ावा मिल सके। यह मिसाइल प्रणाली लेजर-गाइडेड है और टैंकों से चलाकर दुश्मन के बख्तरबंद वाहनों को सटीक तरीके से नष्ट करने में सक्षम है। इन मिसाइलों से सेना के टी-90 टैंकों की ताकत और फायरपावर बढ़ेगी। यह मिसाइल 5 किलोमीटर तक की दूरी से दुश्मन के बख्तरबंद वाहनों या टैंकों को नष्ट करने की क्षमता रखती है। रक्षा मंत्रालय ने कहा कि यह सौदा भारतीय सेना की युद्ध क्षमता को और मजबूत करेगा और दुश्मन के मुकाबले बेहतर बढ़त देगा।
मंत्रालय के मुताबिक, इन मिसाइलों की खरीद से देश की रक्षा आत्मनिर्भरता को भी बल मिलेगा। भारत डायनामिक्स लिमिटेड ने आश्वासन दिया है कि वह तय समय सीमा में मिसाइलों की आपूर्ति करेगा। सरकार का कहना है कि इस करार से सेना की तैयारी और देश की रक्षा क्षमता दोनों में बड़ा सुधार होगा।
इसे सीधे टैंक की गन बैरल से दागा जा सकता है, लॉन्चर की जरूरत नहीं
भारतीय सेना के टी-90 टैंकों को और ज्यादा घातक बनाने के लिए खरीदी जा रही आईएनवीएआर एंटी-टैंक मिसाइलें आधुनिक तकनीक से लैस हैं। यह मिसाइल लेजर-गाइडेड प्रणाली पर काम करती है, यानी निशाना तय होने के बाद यह अत्यंत सटीकता से लक्ष्य को भेदती है। इसकी सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसे सीधे टैंक की गन बैरल से दागा जा सकता है, जिससे अलग लॉन्चर की जरूरत नहीं होती।
यह दिन और रात, दोनों समय में है प्रभावी
आईएनवीएआर मिसाइल की हिट प्रॉबेबिलिटी (लक्ष्य भेदन) बहुत अधिक है, यानी इसका निशाना शायद ही कभी चूके। यह दिन और रात, दोनों समय युद्ध में प्रभावी रहती है। युद्ध के मैदान में इससे दुश्मन के भारी टैंकों और किलेबंद ठिकानों को आसानी से ध्वस्त किया जा सकेगा। रक्षा विशेषज्ञों के मुताबिक, आईएनवीएआर मिसाइलें भारतीय सेना को आधुनिक युद्धक्षेत्र में स्पष्ट बढ़त दिलाएंगी और देश की रक्षा आत्मनिर्भरता को मजबूत करेंगी।