रक्षा मंत्रालय ने कहा, "भारत-वियतनाम राजनयिक संबंधों की स्थापना के पचास साल और भारत की आजादी के 75 साल पूरे होने के ऐतिहासिक अवसर पर रक्षामंत्री की यात्रा द्विपक्षीय रक्षा सहयोग और व्यापक रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करेगी।"
रक्षामंत्री राजनाथ सिंह द्विपक्षीय व्यापक रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने के लिए बुधवार से वियतनाम की तीन दिवासीय यात्रा पर जाएंगे। रक्षा मंत्रालय ने रविवार को कहा कि राजनाथ सिंह यात्रा के दौरान वियतनाम को 12 हाई-स्पीड गार्ड बोट सौंपेंगे।
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मंत्रालय ने कहा कि यह परियोजना वियतनाम के साथ बढ़ते रक्षा उद्योग के संदर्भ में महत्वपूर्ण है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'आत्मनिर्भर भारत' और 'मेक इन इंडिया, मेक फॉर द वर्ल्ड' के नजरिए का उदाहरण है।
यात्रा के दौरान राजनाथ सिंह अपने वियतनामी समकक्ष जनरल फान वान गियांग के साथ व्यापक बातचीत करेंगे। उनका वियतनाम के राष्ट्रपति गुयेन जुआन फुक और प्रधानमंत्री फाम मिन्ह चिन से भी मुलाकात करने का कार्यक्रम है।
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रक्षा मंत्रालय ने कहा, ''हाई फोंग के हांग हा शिपयार्ड में रक्षामंत्री वियतनाम को भारत सरकार की 100 मिलियन अमेरिकी डॉलर (1 मिलियन = 10 लाख रुपये) की डिफेंस लाइन ऑफ क्रेडिट के तहत निर्मित 12 हाई स्पीड गार्ड बोट को सौंपने के समारोह की अध्यक्षता करेंगे।''
'राजनाथ सिंह न्हा ट्रांग में टेलीकम्युनिकेशन यूनिवर्सिटी सहित वियतनाम के उन प्रशिक्षण संस्थानों का भी दौरा करेंगे जहां भारत से पांच मिलियन अमेरिकी डॉलर के अनुदान के साथ एक आर्मी सॉफ्टवेयर पार्क स्थापित किया जा रहा है।'
मंत्रालय ने कहा, "भारत-वियतनाम राजनयिक संबंधों की स्थापना के पचास साल और भारत की आजादी के 75 साल पूरे होने के ऐतिहासिक अवसर पर रक्षामंत्री की यात्रा द्विपक्षीय रक्षा सहयोग और व्यापक रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करेगी।"