राजनाथ सिंह ने कहा, 'हमें नागरिकों की भागीदारी बढ़ानी होगी ताकि निवासी छावनी की भावी योजना में भागीदार बन सकें। हमें छावनी बोर्डों को आधुनिक, पारदर्शी और जवाबदेह संस्थाओं में बदलना होगा जो समय की मांगों के अनुरूप सेवाएं प्रदान कर सकें।'
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने पूरे भारत में छावनी बोर्डों को स्मार्ट, हरित और टिकाऊ शहरी पारिस्थितिकी तंत्र के रूप में विकसित करने का आह्वान किया है। राजनाथ सिंह ने गुरुवार को रक्षा संपदा महानिदेशालय (डीजीडीई) द्वारा आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन 'मंथन 2025' को संबोधित करते हुए ये बात कही। रक्षा मंत्री ने भारतीय रक्षा संपदा सेवा (आईडीईएस) से छावनी बोर्डों के आधुनिकीकरण के लिए कड़ी मेहनत करने का आह्वान किया।
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राजनाथ सिंह ने आईडीईएस को सराहा
रक्षा मंत्री ने 18 लाख एकड़ से अधिक रक्षा भूमि के प्रबंधन और पूरे भारत में 61 छावनियों में रहने वाले नागरिकों के कल्याण को सुनिश्चित करने की दोहरी जिम्मेदारी को सफलतापूर्वक निभाने के लिए आईडीईएस अधिकारियों की सराहना की। उन्होंने प्रक्रियाओं को निरंतर बेहतर करके छावनी को आधुनिक शहरों की तरह विकसित करने की जरूरत पर भी बल दिया। उन्होंने कहा, 'हमें डिजिटल सेवाओं को बढ़ाना होगा ताकि लोग घर बैठे पारदर्शी और समय पर सेवाएं प्राप्त कर सकें।'
राजनाथ सिंह ने कहा, 'हमें नागरिकों की भागीदारी बढ़ानी होगी ताकि निवासी छावनी की भावी योजना में भागीदार बन सकें। हमें छावनी बोर्डों को आधुनिक, पारदर्शी और जवाबदेह संस्थाओं में बदलना होगा जो समय की मांगों के अनुरूप सेवाएं प्रदान कर सकें।' उन्होंने आगे कहा, 'यह सुनिश्चित करना हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है कि छावनी निवासियों को सर्वोत्तम नागरिक सुविधाएं और त्वरित शिकायत निवारण तंत्र मिले।'
रक्षा मंत्री ने कहा कि डिजिटल प्लेटफार्म जैसे ई-छावनी 2, शिकायत निवारण के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का प्रयोग, बहुभाषा की सुविधा और स्मार्ट हेल्थ सुविधा पर जोर देना होगा। खासकर इलाके के गरीबों के कल्याण को विशेष प्राथमिकता देते हुए कैंटोनमेंट में स्मार्ट पावर सिस्टम, गैर परंपरागत ऊर्जा ग्रिड, ईवी चार्जिंग हब, वेस्ट टू-एनर्जी प्लांट और एआई आधारित सर्विलांस सिस्टम होना जरूरी है। साथ ही कैंटोनमेंट का वित्तीय तौर पर स्वायत्त होना चाहिए।