हाल के वर्षों में सशस्त्र बलों में महिलाओं की संख्या बढ़ी और बलों में उनके लिए कोई दरवाजा बंद नहीं होना चाहिए। यह बात रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने रविवार को महिला दिवस के मौके पर आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान कहीं।
उन्होंने कहा कि सशस्त्र बलों में महिला प्रतिभागियों की संख्या में हाल के कुछ सालों में बढ़ोतरी हुई है। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि सशस्त्र बलों में देश की महिलाओं के लिए कोई दरवाजा बंद नहीं होना चाहिए।
उन्होंने इसी साल गणतंत्र दिवस के मौके पर पुरुष मार्चिंग दस्ते का नेतृत्व करने वाली तानिया शेरगिल का उदाहरण दिया। शेरगिल का जिक्र करते हुए सिंह ने कहा कि महिलाएं अब कई मोर्चों पर नेतृत्व कर रही हैं जो पहले उनके लिए खुले तक नहीं थे।
बता दें कि नीति आयोग की ओर से आयोजित ‘वीमन ट्रांसफॉर्मिंग इंडिया अवार्ड्स’ के अवसर पर उन्होंने कहा कि सशस्त्र बलों में महिलाओं को और सशक्त बनाना मोदी सरकार की प्राथमिकता है।
रक्षा मंत्री सिंह ने यह भी कहा कि महिलाएं भारतीय वायु सेना की सभी शाखाओं, सेना की आठ शाखाओं और नौसेना की सभी गैर-समुद्री शाखाओं में काम कर रही हैं। उन्होंने कहा कि मैं आपको आश्वस्त करना चाहता हूं कि बाकी शाखाएं महिलाओं के लिए जल्द ही खोल दी जाएंगी।
रक्षा मंत्री ने यह भी कहा कि मुझे मालूम है कि सशस्त्र बलों में महिलाओं के कमीशन पाने को लेकर अभी भी कुछ हद तक प्रतिरोध रहा है, लेकिन यह अब कम होता जा रहा है।