दिल्ली हिंसा पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा है कि अब स्थिति सामान्य होने की ओर बढ़ रही है। बंगलूरू में एचएएल द्वारा एक आयोजन में भाग लेने के बाद राजनथ लिंह ने यह बात कही। वहीं, कार्यक्रम में राजनाथ सिंह ने कहा, मैं मानता हूं कि किसी भी सभ्यता के महान होने का परिचायक होता है कि वह आधुनिकता की दौड़ में भी अपनी परंपरा को कितनी मजबूती के साथ पकड़े है। इस आधुनिकता में भी वो अपनी जड़ों से नहीं कटता।
बता दें कि रविवार से उत्तर-पूर्वी दिल्ली में हो रही हिंसा अब थम चुकी है। उत्तर-पूर्वी दिल्ली के हालात धीरे-धीरे सामान्य हो रहे हैं, लेकिन मरने वालों की संख्या बढ़कर 34 हो चुकी है। कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी की अगुवाई में पार्टी के शिष्टमंडल ने गुरुवार को दिल्ली हिंसा मामले पर राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद से मुलाकात कर आग्रह किया कि वह केंद्र सरकार से राजधर्म का पालन कराने और गृह मंत्री अमित शाह को हटाने के लिए कदम उठाएं।
कोविंद से मुलाकात के बाद सोनिया ने संवाददाताओं से कहा कि सीडब्ल्यूसी की बैठक में हमने दिल्ली में स्थिति को लेकर कई मुद्दों पर चर्चा की थी। हमने राष्ट्रपति से मिलने और अपनी मांगों का ज्ञापन सौंपने का फैसला किया। उन्होंने ज्ञापन के कुछ हिस्से पढ़े और दावा किया कि केंद्र और दिल्ली सरकार हिंसा को लेकर मूकदर्शक बनी रहीं। गृह मंत्री और प्रशासन की निष्क्रियता से बड़े पैमाने पर जानमाल का नुकसान हुआ।
कांग्रेस की ओर से सौंपे गए ज्ञापन में कहा गया है, ‘हम इस बात को दोहराते हैं कि गृह मंत्री को हटाए जाए क्योंकि वह हिंसा को रोकने में अक्षम साबित हुए।’ पार्टी ने ज्ञापन में राष्ट्रपति से कहा, 'हम आपसे आग्रह करते हैं कि नागरिकों के जीवन, संपत्ति और आजादी की सुरक्षित रखा जाए। हम आशा करते हैं कि आप निर्णायक कदम उठाएंगे।’