फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

बालाकोट में आतंकी फिर सक्रिय, रक्षा मंत्री बोले- चिंता न करें, सुरक्षा बल पूरी तरह तैयार हैं

Wed, 25 Sep 2019 11:14 AM IST
Priyesh Mishra न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चेन्नई
विज्ञापन
आईएनएस वराह पर रक्षा मंत्री - फोटो : ANI
विज्ञापन

बालाकोट के फिर सक्रिय होने पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने बुधवार को कहा कि भारतीय सुरक्षा बल हर स्थिति का सामना करने को तैयार है। सेना प्रमुख जनरल बिपिन रावत के पाकिस्तान के बालाकोट में आतंकवादी ठिकानों के फिर सक्रिय होने की बात कहने के दो दिन बाद सिंह ने यह बयान दिया है।

विज्ञापन


चेन्नई में सिंह ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि चिंता ना करें, हमारे सुरक्षा बल पूरी तरह तैयार हैं। रावत ने सोमवार को कहा था कि पाकिस्तान ने बालाकोट में आतंकवादी ठिकानों को फिर सक्रिय कर दिया है और करीब 500 घुसपैठिए भारत में घुसने की फिराक में हैं।

पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कुछ दिन पहले ही गृहमंत्री को पत्र लिखकर कहा था कि सीमा पार पाकिस्तान से हथियार और हथगोले गिराए जा रहे हैं। इसके जवाब में राजनाथ सिंह ने कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ी कोई भी चुनौती हों हमारे जवान उनका मुकाबला करने और उन्हें हराने में सक्षम हैं। 
विज्ञापन

 


रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने बुधवार को यहां चेन्नई पोर्ट ट्रस्ट में औपचारिक रूप से तटरक्षक बल के तटीय गश्ती जहाज वराह का जलावतरण किया। जलावतरण समारोह के उपलक्ष्य में एक स्मृति पट्टिका का अनावरण करने के बाद सिंह ने कहा कि यह अत्याधुनिक जहाज भारतीय तटरक्षक बल की ताकत में और इजाफा करेगा। उन्होंने कहा कि इसमें स्वदेशी एचएएल द्वारा विकसित दोहरे इंजन वाले एएलएच हेलीकॉप्टरों के संचालन की क्षमता है।

राजनाथ सिंह अपनी दो दिवसीय यात्रा पर मंगलवार को चेन्नई पहुंचे। उन्होंने पोत के जलावतरण समारोह में हिस्सा लिया। उन्होंने कहा कि यह वास्तव में भारतीय तटरक्षक, हमारे समुद्र के प्रहरियों और लार्सन एंड टुब्रो शिपबिल्डिंग लिमिटेड की बढ़ती ताकत का गवाह है। लार्सन एंड टुब्रो हमारे समुद्री बलों के लिये निर्माण एवं संसाधन के रखरखाव का एक मजबूत सहायक स्तंभ है।’’

उन्होंने कहा कि वराह नाम पुराणों से लिया गया है जो त्याग और समुद्र में बचाव, हमारी धरती मां की रक्षा करने, सौहार्द एवं ताकत बनाये रखने के सिद्धांत की याद दिलाता है। सिंह ने भारतीय तटरक्षक एवं एलएंडटी शिपयार्ड को वराह को समुद्र में उतारने के लिये बधाई दी।

उन्होंने कहा कि मादक पदार्थों की तस्करी, तेल रिसाव की घटनाओं की व्यापक चुनौतियों, टकराव और समुद्री आतंकवाद के बढ़ते खतरे ने कई साल से विभिन्न समुद्री देशों एवं भारतीय तट रक्षक की क्षेत्रीय व्यवस्थाओं पर सहयोग की दिशा में आह्वान किया है तथा कूटनीतिक संबंध का निर्माण किया है।

सिंह ने कहा कि तटरक्षक बल ने समुद्री खतरों से निपटने के लिये क्षमता निर्माण, समेकित प्रशिक्षण और सहयोग के लिय सात समुद्री देशों के साथ समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किया है।

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें