लोकसभा चुनाव के बाद गोवा में हुए दलबदल और अब कर्नाटक में चल रहे घटनाक्रम को जनता अच्छा नहीं मानती है। दलबदलू नेताओं को लेकर 80 फीसदी जनता की यह राय है कि उन्हें अपनी लोकप्रियता दोबारा से साबित करने के लिए उपचुनाव लड़ना चाहिए। नेता एप द्वारा 22 राज्यों में कराए गए सर्वे में यह बात सामने आई है। इस एप के जरिए दो करोड़ से ज्यादा सक्रिय यूजर्स ने अपनी राय रखी है।
केवल 19 फीसदी वोटर ऐसे थे, जिनका कहना था कि दलबदलुओं को उपचुनाव का सामना करने की कोई जरूरत नहीं है। खास बात यह है कि इस सर्वे में गोवा के 84.55 फीसदी लोगों ने दलबदलुओं के लिए उपचुनाव को जरूरी बताया है तो वहीं कर्नाटक की 73.53 फीसदी जनता ने उपचुनाव का समर्थन किया है। नेता एप द्वारा पिछले पांच दिनों के दौरान वोटरों से दलबदल को लेकर कई सवाल पूछे गए थे।
क्या दलबदल सही है, दलबदलू नेताओं को क्या दोबारा से अपनी लोकप्रियता साबित करनी चाहिए, क्या इससे लोकतंत्र कमजोर होता है, आदि। इस सर्वे में तेलंगाना एकमात्र ऐसा राज्य था, जहां पर 53.45 फीसदी लोगों ने दलबदलुओं के लिए उपचुनाव को जरूरी बताया, जबकि 46.55 प्रतिशत वोटरों ने उपचुनाव का समर्थन नहीं किया। राजस्थान, उड़ीसा और दिल्ली, ये तीन राज्य ऐसे हैं, जहां 90 फीसदी से अधिक लोगों ने दलबदल का सख्त विरोध किया है।
लोगों की राय है कि दलबदलुओं की वजह से भारतीय लोकतंत्र प्रणाली पर दाग लग रहा है। जिन लोगों ने अपना कीमती वोट देकर इन नेताओं को जनप्रतिनिधि बनाया था, अब वे दलबदल कर दूसरी पार्टी में चले गए हैं। क्या ऐसा करने से पहले इन नेताओं ने वोटरों से पूछा था। नेता एप के सर्वे में लोगों की राय है कि दलबदलू विधायकों को उपचुनाव की चुनौती स्वीकार करनी चाहिए।
दलबदलुओं को उपचुनाव का सामना करना चाहिए या नहीं, 22 राज्यों के वोटरों की राय
राज्य हां (प्रतिशत) नहीं (प्रतिशत)
आंध्रप्रदेश 76.77 23.23
असम 82.09 17.91
बिहार 83.33 16.67
छत्तीसगढ़ 65.79 34.21
दिल्ली 91.18 8.82
गोवा 84.55 15.45
गुजरात 63.33 36.67
हरियाणा 76.92 23.08
हिमाचल प्रदेश 73.68 26.32
झारखंड 89.47 10.53
कर्नाटक 73.53 26.47
केरल 80.56 19.44
मध्यप्रदेश 83.33 16.67
महाराष्ट्र 89.71 10.09
उड़ीसा 90.48 9.68
पंजाब 80.95 19.05
राजस्थान 90.32 9.68
तमिलनाडु 86.67 13.33
तेलंगाना 53.45 46.55
उत्तरप्रदेश 86.01 13.99
उत्तराखंड 77.36 22.64
पश्चिम बंगाल 83.82 16.18