इसी तरह देशद्रोह के कानून को खत्म करने और कई कानूनों के पुनर्विचार करने के कांग्रेस के विचार को भी उन्होंने देश के खिलाफ अपनी मुहिम चलाने वाले तथाकथित 'टुकड़े-टुकड़े गैंग' की साजिश करार दिया। उन्होंने कहा कि यह देशहित के खिलाफ होगा। उनके मुताबिक कांग्रेस के घोषणा पत्र में ये बिंदु उन 'नक्सली-आतंकी' लोगों की साजिश के कारण आए हैं जो समय-समय पर देश को तोड़ने की साजिश करते रहते हैं।
संकल्प पत्र समिति के अहम सदस्य अरुण जेटली के इस रुख से यह बात साफ हो गई है कि भाजपा इसे लोकसभा चुनाव में जमकर भुनाने की कोशिश करेगी। वह अपने विजन को राष्ट्रवाद से प्रेरित और कांग्रेस के घोषणा पत्र को देश के हितों के खिलाफ बताएगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह के हाल के बयानों को देखने के बाद यह बात स्पष्ट हो जाती है।
विपक्ष पर गहरी निगाह रखने वाले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस मुद्दे को लपकने में जरा भी देर नहीं की। उन्होंने मंगलवार की एक रैली में कहा कि विपक्ष देश के टुकड़े-टुकड़े करने की सोच रखने वाले लोगों के साथ खड़ा है। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी इस मुद्दे पर कांग्रेस को घेरते हुए कहा कि भाजपा देश के पक्ष में खड़ी है और वह उसकी सुरक्षा को कोई नुकसान नहीं पहुंचने देगी।
विश्व हिंदू परिषद के राष्ट्रीय सचिव विजयशंकर तिवारी ने कहा कि कांग्रेस ने अपने घोषणा पत्र में अफस्पा और देशद्रोह कानून को खत्म करने का वायदा कर सेल्फ गोल किया है। उनके मुताबिक देश की जनता सेना के खिलाफ किसी भी बात को कभी स्वीकार नहीं करती और कांग्रेस को इसका खामियाजा उठाना पड़ेगा।