बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री और
राजद प्रमुख लालू प्रसाद यादव के खिलाफ
चारा घोटाले के देवघर मामले में बृहस्पतिवार को सजा का एलान हो सकता है। दो वकीलों के निधन पर बुधवार को आयोजित शोकसभा की वजह से कोर्ट के सामने मामला नहीं आ पाया। विशेष सीबीआई कोर्ट ने 23 दिसंबर को लालू और 15 अन्य लोगों को देवघर मामले में दोषी करार दिया था और पूर्व मुख्यमंत्री जगन्नाथ मिश्र समेत छह लोगों को बरी कर दिया था।
कोर्ट ने सजा के एलान के लिए 3 जनवरी की तिथि निर्धारित की थी। रांची की बिरसा मुंडा जेल से लालू और अन्य दोषियों को कोर्ट लाया गया लेकिन जज के सजा का एलान नहीं करने के फैसले के बाद इन सभी को वापस जेल ले जाया गया। देवघर कोषागार से 1991 और 1994 के बीच 89.27 लाख रुपये धोखाधड़ी कर निकाले गए थे। इस मामले में तत्कालीन मुख्यमंत्री लालू समेत अन्य को आरोपी बनाया गया था।
पढ़ें- लालू यादव को जेल पर तेजस्वी बोले- खतरा खत्म नहीं हुआ, कंस का काल अब जन्म लेगा
तेजस्वी समेत चार को अवमानना का नोटिस
सीबीआई जज शिवपाल सिंह ने लालू के बेटे तेजस्वी यादव, राजद नेताओं रघुवंश प्रसाद सिंह, शिवानंद तिवारी और कांग्रेस नेता मनीष तिवारी को कोर्ट की अवमानना का नोटिस जारी किया है। इन सभी को 23 जनवरी को कोर्ट में निजी रूप से पेश होने का निर्देश दिया गया है। इन सभी ने लालू के खिलाफ आए फैसले को लेकर न्यूज चैनलों पर अदालत की आलोचना की थी। तेजस्वी बिहार विधानसभा में विपक्ष के नेता हैं।