रामपुर समेत पश्चिमी यूपी के 26 जिलों के वक्फ मामलों की सुनवाई के लिए मिले वक्फ ट्रिब्यूनल को खत्म करने के आखिरी फैसले पर मुहर लग गई है। चार माह पहले शुरू हुई इस कवायद को आखिरकार सरकार ने पूरा कर ही लिया।
सपा शासन में तत्कालीन नगर विकास मंत्री आजम खां वक्फ मामलों की सुनवाई के लिए रामपुर में वक्फ ट्रिब्यूनल लाए थे। इस ट्रिब्यूनल में रामपुर समेत 26 जिलों के वक्फ के मामलों की सुनवाई हुई थी। सरकार जाने के बाद मौजूदा सरकार ने रामपुर का वक्फ ट्रिब्यूनल खत्म करने के निर्देश दिए थे।
इसकी घोषणा को अब अमलीजामा पहनाया जा चुका है। अगस्त माह में वक्फ ट्रिब्यूनल बोर्ड को लखनऊ स्थानांतरित करने का फैसला लिया गया था। अब एक बार फिर इस संबंध में निर्देश जारी किया गया है। शासन के आदेश के बाद ही यहां से वक्फ ट्रिब्यूनल बोर्ड स्थानांतरित भी हो चुका है।
रामपुर समेत पश्चिमी उत्तर प्रदेश के 26 जिलों के लोगों को अब इन मामलों की सुनवाई के लिए लखनऊ तक दौड़ लगानी होगी, जिससे इन लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा। वक्फ ट्रिब्यूनल आजम खां की प्रतिष्ठा से जुड़ा हुआ है। इसके यहां से खत्म होने से आजम खां को झटका लगा है।
इन जिलों के वक्फ के मामलों की होती थी सुनवाई
बरेली, पीलीभीत, शाहजहऱंपुर, बदायूं, रामपुर, मुरादाबाद, अमरोहा, संभल, बिजनौर, मेरठ, मुजफ्फरनगर, सहारनपुर, आगरा, शामली, गौतमबुद्धनगर, गाजियाबाद, बुलंदशहर समेत अन्य शहर।
झुनझुन वाला की कोठी में था ट्रिब्यूनल
रामपुर। वक्फ ट्रिब्यूनल रामपुर के बड़े उद्योगपति रहे झुनझुन वाला की कोठी में बनाया गया था। इस कोठी को सपा शासन में अधिग्रहीत कर लिया गया था और फिर इसी कोठी में ट्रिब्यूनल का संचालन किया गया है।