हाईकोर्ट ने इराक में 39 भारतीयों को आतंकी संगठन आईएस द्वारा अगवा कर हत्या की जांच स्वतंत्र एजेंसी से करवाने के लिए दायर याचिका पर सुनवाई के बाद फैसला सुरक्षित रख लिया। हाईकोर्ट ने सरकार से पूछा था कि लोग इराक में कब गायब हुए और इनकी तलाश के लिए क्या कदम उठाए गए। इस सिलसिले में विदेश राज्य मंत्री वीके सिंह कितनी बार इराक गए थे।
कार्यवाहक मुख्य न्यायमूर्ति गीता मित्तल और न्यायमूर्ति सी. हरि शंकर की खंडपीठ ने याचिकाकर्ता अधिवक्ता मेहमूद प्राचा और केंद्र सरकार की दलीलें सुनने के बाद फैसला सुरक्षित रख लिया। केंद्र सरकार ने विरोध करते हुए कहा यह याचिका सुनवाई योग्य नहीं है, इसलिए इसे खारिज कर दिया जाए। सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार ने संसद में विदेश मंत्री सुषमा स्वराज द्वारा बयान में दिए गए जानकारी को स्टेटस रिपोर्ट दाखिल कर पेश किया।
पेश याचिका में केंद्र सरकार, गृहमंत्रालय व खुफिया विभाग को पक्षकार बनाया गया है। याचिका में कहा गया है कि केंद्र सरकार व विदेश मंत्रालय के अधिकारियों की लापरवाही की वजह से उक्त लोगों की जानें गई हैं। ऐसे में कोर्ट इस पूरे मामले की न्यायिक जांच करने के आदेश दे।