केरल के सबरीमला में गुरुवार को हुए प्रदर्शन और हिंसा का मुद्दा शुक्रवार को लोकसभा में उठा। कांग्रेस ने हिंदूवादी संगठनों की हड़ताल में हिंसा होने का आरोप लगाया, वहीं भाजपा ने इस घटनाक्रम के लिए केरल की माकपा नीत सरकार को जिम्मेदार ठहराया।
शून्यकाल में इस विषय पर चर्चा करते हुए कांग्रेस के केसी वेणुगोपाल ने कहा कि केरल में पिछले दो तीन दिन में जो कुछ हुआ, वह दुखद है। उन्होंने घटना के विरोध में काली पट्टी पहनी हुई थी। उन्होंने भाजपा पर आरोप लगाया कि भाजपा के लोगों ने राज्य में हड़ताल घोषित की, जिसमें तोड़फोड़ और हिंसा हुई और मीडियाकर्मी भी इसमें चोटिल हुए। उन्होंने कहा कि हिंसा से हल नहीं निकल सकता। वह चाहते हैं कि राज्य में इस समस्या का समाधान निकाला जाए। माकपा के पी करुणाकरण ने कहा कि इस संबंध में उच्चतम न्यायालय ने ऐतिहासिक फैसला दिया। भाजपा के कई नेताओं ने भी इस फैसले का समर्थन किया था। केरल सरकार भगवान अयप्पा के भक्तों को संरक्षण देना चाहती है। संविधान में सभी नागरिकों को पूजास्थल पर जाने का अधिकार है।
हिंसा में मौत के लिए राज्य सरकार जिम्मेदार : मीनाक्षी
इधर, भाजपा की मीनाक्षी लेखी ने कहा कि केरल में सत्तारूढ़ माकपा के लोग धर्म और अध्यात्म को नहीं मानते और धर्म विरोधी हैं लेकिन आज धर्म की बात कर रहे हैं।उन्होंने कहा कि माकपा के लोग परंपराओं को नहीं समझते। सबरीमला मंदिर की अपनी परंपराएं हैं और उनका सम्मान किया जाना चाहिए। लेखी ने कहा कि सबरीमला में पिछले कुछ दिन में हुई हिंसा और एक मौत के लिए राज्य की सरकार जिम्मेदार है। माकपा के लोग वहां माहौल को भड़का रहे हैं।गौरतलब है कि सबरीमला मंदिर में 50 साल से कम उम्र की दो महिलाओं के प्रवेश के खिलाफ हिंदू संगठनों ने गुरूवार को प्रदर्शन किया। हड़ताल के दौरान हिंसा में एक व्यक्ति की मौत हो गई थी और लगभग 100 लोग घायल हो गये थे।