महाराष्ट्र के अहमदनगर जिले में टिकटॉक वीडियो बनाते समय ‘दुर्घटनावश’ गोली चल जाने से एक किशोर प्रतीक वाडेकर (17) की मौके पर ही मौत हो गई। पुलिस ने बृहस्पतिवार को बताया कि प्रतीक और उसके रिश्तेदार टिकटॉक वीडियो बनाने के लिए पोज दे रहे थे।
पुलिस ने बताया कि बुधवार शाम को शिरडी निवासी प्रतीक और उसके रिश्तेदार सनी पवार (20), नितिन वाडेकर (27), 11 वर्षीय लड़का और एक अन्य युवक परिवार के सदस्य के अंतिम संस्कार के लिए शिरडी आए थे। उन्होंने एक होटल में कमरा बुक किया हुआ था। अपने होटल के कमरे में बैठकर, उन्होंने एक देशी पिस्तौल के साथ पोज देते हुए मोबाइल फोन पर एक वीडियो शूट कर वीडियो - शेयरिंग एप टिकटॉक पर अपलोड करने का फैसला किया था।
शिरडी पुलिस स्टेशन के इंस्पेक्टर अनिल कटके ने बताया कि पिस्तौल का ट्रिगर गलती से दब जाने से गोली सीधे प्रतीक के सीने में जा लगी। इस घटना से सभी घबरा गए और होटल छोड़कर भाग गए। गोली चलने की आवाज सुनकर वहां पहुंचे होटल के कर्मचारियों ने होटल मालिक को सूचना दी, जिन्होंने पुलिस को घटना की जानकारी दी।
इंस्पेक्टर कटके ने बताया कि पुलिस प्रतीक को सरकारी अस्पताल ले गई लेकिन उसकी रास्ते में ही मौत हो गई। उन्होंने बताया कि आईपीसी की धारा 302 (हत्या) और 307 (हत्या की कोशिश) के तहत मामला दर्ज किया गया है और सनी पवार और नितिन वाडेकर को गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि एक अन्य रिश्तेदार का पता नहीं चल पाया है। चौथा आरोपी नाबालिग है। इंस्पेक्टर काटके ने कहा पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर रही है।