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MEA: फांसी के कुछ दिनों बाद यूएई में दफनाए गए दो भारतीय नागरिक, अंतिम क्षण में मौजूद रहे परिवार के सदस्य

Thu, 06 Mar 2025 09:57 PM IST
निर्मल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली।

सार

MEA: फांसी के कुछ दिनों बाद दो भारतीय नागरिकों शहजादी खान और मुहम्मद रिनाश अरंगिलोट्टू को संयुक्त अरब अमीरात में उनके परिवार के सदस्यों की मौजूदगी में दफनाया गया। विदेश मंत्रालय ने यह जानकारी दी। 
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विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल (वीडियो ग्रैब) - फोटो : एएनआई
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विस्तार
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संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) में दो भारतीय नागरिकों शहजादी खान और मुहम्मद रिनाश अरंगिलोट्टू को फांसी के कुछ दिनों उनके परिवार के सदस्यों की मौजूदगी में दफनाया गया। विदेश मंत्रालय के मुताबिक, शहजादी और अरंगिलोट्टू को यूएई के नियमों के अनुसार दफनाया गया। 

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शहजादी उत्तर प्रदेश के बांदा जिले की रहने वाली थीं, उन्हें पिछले महीने फांस की सजा दी गई थी। अदालत ने उन्हें चार महीने के बच्चे की हत्या का दोषी पाया था। वहीं, रिनाश केरल के कन्नूर के रहने वाले थे। उनको यूएई के एक नागरिक की हत्या के आरोप में मौत की सजा सुनाई गई थी और कुछ हफ्ते पहले उन्हें फांसी दी गई। 

दूतावास के अधिकारियों ने परिवार के सदस्यों को मदद प्रदान की
विदेश मंत्रालय ने कहा, एक भारतीय नागरिक शहजादी खान को आज अबू धाबी में यूएई के नियमों के अनुसार दफनाया गया। उनको दफनाने से पहले उनके परिवार के प्रतिनिधियों ने उनके शव को अंतिम सम्मान दिया। वे मस्जिद में नमाज-ए-जनाजा में शामिल हुए और बानियास कब्रिस्तान में उनके दफन के दौरान मौजूद रहे। दूतावास के अधिकारियों ने उनके परिवार के प्रतिनिधियों को मदद प्रदान और अंतिम संस्कार में भाग लिया। 
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शहजादी खान को 15 फरवरी को दी गई थी फांसी
शहजादी को 15 फरवरी को फांसी दी गई थी। हालांकि रिनाश की फांसी तारीख का तत्काल पता नहीं चला है। संकेत हैं कि उन्हें भी पिछले महीने फांसी दी गई थी। मंत्रालय ने कहा, एक अन्य भारतीय नागरिक मुहम्मद रिनाश अरंगिलोट्टू को भी आज दफनाया गया। उनके परिवार के सदस्य भी नमाज-ए-जनाजा और अंतिम क्षण के लिए मौजूद थे। शहजादी खान को 10 फरवरी 2023 से अबू धाबी की पुलिस हिरासत में रखा गया था और उसी वर्ष 21 जुलाई को उन्हें मौत की सजा सुनाई गई थी। उनकी फांसी की खबर पिछले महीने 28 फरवरी को तब सामने आई थी, दिल्ली में सुनवाई के दौरान विदेश मंत्रालय ने पुष्टि की थी कि उन्हें फांसी दी गई है। 

मंत्रालय ने कहा था कि भारतीय दूतावास ने शहजादी को सभी संभव कानूनी मदद प्रदान की, जिसमें दया याचिकाएं और माफी अनुरोध यूएई सरकार को भेजना शामिल था। 
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