‘अ फ्लाइट टू रिमेंबर’'टाइटल से मारन ने सोशल मीडिया पर शेयर किया पत्र
दयानिधि मारन के लिए यह पूरा वाकया इतना दिलचस्प और यादगार बन गया कि उन्होंने पत्र लिखकर इसका जिक्र किया है। मारन ने ‘अ फ्लाइट टू रिमेंबर’टाइटल से मंगलवार को सोशल मीडिया पर अपने पत्र को साझा कर सिलसिलेवार पूरी घटना का जिक्र करते हुए अपना अनुभव बताया है।
मेरे दोस्त फ्लाइट उड़ाने वाले हैं, सोच कर गर्व महसूस हुआ
मारन ने अपने पत्र में आगे लिखा है कि महज दो घंटे पहले वे और रुडी साथ में पार्लियामेंट की एस्टिमेट कमिटी की बैठक में थे। उड़ान से दो घंटे पहले, वे और रूडी बैठक में गहन चर्चा कर रहे थे और थोड़ी देर बाद दोनों फ्लाइट में टकराए। मारन ने कहा, "एक राजनेता से एक पायलट के रूप में उनके परिवर्तन को देखकर मुझे अपनी आंखों पर विश्वास नहीं हुआ।" मुझे यह जानकर बहुत हैरानी हुई है कि मैं जिस फ्लाइट से यात्रा करने वाला हूं उसे मेरे दोस्त रुडी उड़ाएंगे। मारन ने कहा कि "मैं केवल इतना कह सका कि इस फ्लाइट को मेरे अच्छे दोस्त और मेरे सहयोगी उड़ाएंगे यह जानकर मैं गर्व महसूस कर रहा हूं।
दिल्ली से चेन्नई सुरक्षित उड़ान भरने के लिए कहा-शुक्रिया
पत्र में मारन ने लिखा है कि एक मौजूदा सांसद कितनी बार एक व्यावसायिक उड़ान की कप्तानी करते है? मुझे यकीन है कि मैं इस बारे में लंबे समय तक बात करूंगा। दिल्ली से चेन्नई के लिए सुरक्षित उड़ान भरने के लिए मारन ने सांसद कैप्टन राजीव प्रताप रूडी को धन्यवाद दिया है।
सांसद होने के साथ पायलट भी हैं रुडी, लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड में भी नाम दर्ज
रूडी, पूर्व नागरिक उड्डयन मंत्री रहे हैं। वे बिहार से लोकसभा सांसद और भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता हैं। रूडी ने तब राज्य मंत्री के रूप में कार्य किया जब मारन के पिता मुरासोली मारन केंद्रीय वाणिज्य मंत्री थे। रुडी कॉमर्शियल पायलट हैं और अक्सर उडान भरते हैं। सांसद होते हुए कॉमर्शियल पायलट का लाइसेंस होने के कारण उनका नाम लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड में भी दर्ज है। हाल में कोलकाता से दरभंगा के बीच गई पहली फ्लाइट को रुडी ही उड़ा रहे थे। उसी फ्लाइट में दरभंगा के सांसद संजय कुमार झा भी यात्रा कर रहे थे। बाद में संजय कुमार झा ने यह फोटो ट्वीटर पर शेयर की थी।