प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को ब्रिटेन के विदेश मंत्री डेविड लैमी के साथ बैठक की। इस दौरान उन्होंने आतंकवाद और इसका समर्थन करने वालों के खिलाफ निर्णायक वैश्विक कार्रवाई की आवश्यकता पर जोर दिया। लैमी दोनों देशों के बीच रणनीतिक साझेदारी के विभिन्न पहलुओं की समीक्षा करने के लिए दो दिवसीय यात्रा पर शनिवार सुबह नई दिल्ली पहुंचे। ब्रिटेन के विदेश मंत्री ने कहा, सीमा पार आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में उनका देश भारत के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ा है। लैमी ने पहलगाम आतंकी हमले की कड़ी निंदा की।
प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से जारी बयान में कहा गया कि पीएम मोदी ने भारत-ब्रिटेन मुक्त व्यापार (एफटीए) समझौते के सफल समापन पर संतोष व्यक्त किया और इस मील के पत्थर तक पहुंचने के लिए दोनों पक्षों द्वारा रचनात्मक सहयोग की सराहना की। बयान में कहा गया कि दोनों पक्ष ने द्विपक्षीय संबंधों में आ रही मजबूती पर संतोष जताया। लैमी ने व्यापार और निवेश, रक्षा और सुरक्षा, प्रौद्योगिकी, नवाचार और स्वच्छ ऊर्जा सहित प्रमुख क्षेत्रों में सहयोग को और बढ़ाने में ब्रिटेन की मजबूत इच्छा व्यक्त की।
उन्होंने विश्वास जताया कि एफटीए दोनों देशों के लिए नए आर्थिक अवसर खोलेगा। बयान में आगे कहा गया कि दोनों नेताओं ने क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर विचारों का आदान-प्रदान किया। इस बीच, लैमी ने विदेश मंत्री एस जयशंकर के साथ भी व्यापक बातचीत की। जयशंकर ने कहा कि भारत को उम्मीद है कि ब्रिटेन आतंकवाद के खिलाफ भारत की शून्य सहनशीलता की नीति को समझेगा।
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एफटीए पर हस्ताक्षर करने के लिए जल्द भारत आएंगे ब्रिटिश पीएम स्टारमर : लैमी
ब्रिटिश उच्चायुक्त में एक साक्षात्कार में ब्रिटेन के विदेश मंत्री लैमी ने कहा कि दोनों देशों ने पिछले महीने की शुरुआत में मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) के लिए बातचीत पूरी की है। हमारे प्रधानमंत्री कीर स्टारमर मुक्त व्यापार समझौते पर हस्ताक्षर करने के लिए बहुत जल्द भारत आने के लिए उत्सुक हैं। हम दोनों देश मिलकर बहुत कुछ कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी और विदेश मंत्री जयशंकर के साथ मैंने दुनिया की पांचवीं और छठी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं के बीच कारोबार को बढ़ावा देने पर भी चर्चा की।
आतंकवाद पर भारत के साथ काम जारी रखने के इच्छुक
हालिया संघर्ष पर लैमी ने कहा कि दोनों देशों के बीच संघर्षविराम हो चुका है। हम चाहते हैं कि यह स्थिति बनी रहे। हालांकि हम हालात की नाजुकता को पहचानते हैं। हालिया आतंकवादी हमला भारत को अस्थिर करने के लिए किया गया था। हम आतंकवाद विरोधी उपायों पर अपने भारतीय भागीदारों के साथ काम करना जारी रखने के इच्छुक हैं। उन्होंने कहा कि मैंने पीएम मोदी और विदेश मंत्री जयशंकर दोनों के साथ आतंकवाद पर चर्चा की। हालांकि उन्होंने कोई विशेष जानकारी नहीं दी। पिछले साल, भारत और ब्रिटेन ने आतंकवाद के वित्तपोषण का मुकाबला करने, कानून प्रवर्तन और न्यायिक निकायों के बीच सहयोग और सूचना साझा करने पर बात की थी।