प्रखंड मुख्यालय से मिले आंकड़ों के अनुसार चार गांवों के इस मकंदपुर पंचायत में 5186 पुरुष के मुकाबले 4556 महिलाएं हैं, लेकिन केवल धरहरा गांव की बात करें, तो यहां प्रति एक हजार पुरुषों पर 930 महिलाएं हैं।
डाक विभाग के सर्वे के हवाले से विभागीय अधिकारी शशिभूषण व राहुल कुमार ने बताया कि गांव में 10 साल से कम उम्र की करीब 525 लड़कियां हैं, जबकि लड़कों का अनुपात इस मुकाबले लगभग आधा है। इस कारण सुकन्या समृद्धि योजना के तहत खाते खोल कर डाक विभाग इसे सुकन्या ग्राम घोषित कर चुका है।
सूबे के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को गांव की परंपरा मालूम हुई तो विश्व पर्यावरण दिवस पर पहली बार 2010 में यहां पहुंचे और गांव की बेटी लवी कुमारी के नाम पर पेड़ लगाया। दूसरी बार पहुंचे, तो किलकारी केंद्र मिला।
यहां के जनप्रतिनिधि विजय सिंह बताते हैं कि कई बार सीएम का यहां पहुंचना गांव के विकास का एक कारण बना। सड़कें, स्कूल, उप स्वास्थ्य केंद्र, पेयजल आदि मूलभूत सुविधाएं चकाचक है। गोपालपुर बीडीओ डॉ रत्ना श्रीवास्तव कहती हैं कि गांव के लोग इतने जागरूक हैं कि सरकारी योजनाओं के लिए बहुत ज्यादा प्रचार-प्रसार की आवश्यकता महसूस नहीं करती।
गांव में कई ऐसे घर मिलें, जहां बेटियां ही बेटियां हैं। लद्दाख से सेवानिवृत्त हुए बिहार रेजीमेंट के कैप्टन पीके सिंह घायल रास्ते में मिले, तो बताया कि बेटे राजेश कुमार सिंह ने तीन बेटियों के बाद परिवार नियोजन करा लिया। राजेश कहते हैं कि बेटियां, बेटे से कम थोड़े ही है।
पड़ोस के सुमित कुमार को भी केवल दो बेटियां है। जयकृष्ण सिंह व अन्य कई ऐसे ही परिवार हैं। बगल के गांव पचगछिया के पीयूष सिंह, गुलशन वगैरह बताते हैं कि धरहरा गांव की यह परंपरा आसपास के गांवों में भी अपना ली गई है।
धरहरा में शिक्षा के विकास में किसी तरह की खास बाधाएं नजर नहीं आती। गांव में दो प्राथमिक विद्यालय, दो मध्य विद्यालय और एक इंटर स्तरीय उच्च विद्यालय है। यहां कक्ष नौवीं की छात्राएं ज्योति, प्रीति, पूजा कहती हैं कि साईकिल, पोशाक और छात्रवृत्ति स्कूल से मिल जाती है, इसलिए पिता पर ज्यादा बोझ नहीं पड़ता।
इसके अलावे गोपालपुर प्रखंड का कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय भी इसी गांव के उत्कृष्ठ विद्यालय का तमगा ले चुके आदर्श मध्य विद्यालय परिसर में संचालित है।
नवगछिया के एसडीएम मुकेश कुमार कहते हैं कि धरहरा गांव, भागलपुर जिले की शान है, जो न केवल देश भर में, बल्कि विश्व स्तर पर जिले का प्रतिनिधित्व करता है। उन्होंने कहा कि गांव में लोग भी जागरूक हैं और प्रशासनिक स्तर से सरकारी योजनाओं की भी अनुमंडल प्रशासन मॉनिटरिंग करता रहता है। उन्होंने आश्वस्त किया कि यहां के विकास के लिए प्रशासन प्रतिबद्ध रहा है औ आगे भी रहेगा।