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एम्स में रिकॉर्ड तोड़ वेटिंग: चार माह की बच्ची को मिली सितंबर 2023 की तारीख 

Sat, 09 Jun 2018 12:49 AM IST
परीक्षित निर्भय, नई दिल्ली
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aiims - फोटो : अमर उजाला
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एम्स में दिल के ऑपरेशन के लिए पांच साल का इंतजार करना पड़ेगा, क्योंकि संस्थान मरीजों की वेटिंग से कई गुना ज्यादा ओवरलोड हो चुका है। आमतौर पर दो से तीन वर्ष तक की वेटिंग रखने वाले इस संस्थान में अब ग्राफ पांच वर्ष से ऊपर पहुंच चुका है। यानि फिलहाल किसी मरीज को तत्काल ऑपरेशन कराना हो तो वर्ष 2023 के बाद ही एम्स में ये सुविधा मिल सकती है। ऐसा ही केस चार माह की बच्ची के रूप में सामने आया है। त्रिशा नाम की इस बच्ची के दिल में छेद है और ये ऑपरेशन कराने के लिए एम्स पहुंची थी, जहां उसे 2023 की डेट मिली। हालांकि एम्स प्रबंधन के एक अधिकारी ने बताया कि कुछ मामलों में मरीज ज्यादा होने की वजह से वेटिंग पांच वर्ष पार कर चुकी है। इसे लेकर तमाम प्रयास किए जा रहे हैं।       
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बता दें कि मरीजों की लंबी वेटिंग एम्स के लिए वर्षों से चुनौती बनी हुई है जोकि लगातार बढ़ती जा रही है। इसे कम करने के लिए एम्स ने दो वर्ष पहले ऑनलाइन ओपीडी रजिस्ट्रेशन और वीडियो सलाह तक शुरू की लेकिन ऑपरेशन के लिए वेटिंग को प्रबंधन कम न कर सका। एम्स के ही डॉक्टरों की मानें तो अगर यही स्थिति रही हो अगले एक से दो साल के भीतर एम्स में वेटिंग का स्तर आठ वर्ष से ऊपर भी पहुंच सकता है।       

ये है पूरा मामला 

मूलरूप से भोपाल निवासी रामकिशोर चौरसिया ने बताया कि वे करीब ढाई वर्ष से दिल्ली के सरिता विहार निवासी हैं और जसोला स्थित एक ऑफिस में नौकरी करते हैं। चार माह की उनकी बेटी त्रिशा के दिल में छेद है। 28 मार्च को लेकर एम्स आए थे। इसके महीने भर बाद जब वे दोबारा डॉक्टरों के पास पहुंचे तो उन्होंने रामकिशोर को तत्काल त्रिशा का ऑपरेशन कराने की सलाह दी। साथ ही कहा कि एम्स में ऑपरेशन के लिए करीब 55 हजार रुपये की फीस और चार यूनिट रक्तदान करना पड़ेगा। चूंकि एम्स में 6 सितंबर 2023 से पहले समय नहीं है। इसलिए डॉक्टरों ने रामकिशोर को अपनी बच्ची का ऑपरेशन कहीं और अस्पताल में कराने की सलाह दी।       
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डॉक्टरों ने जताई लाचारी, पिता खामोश 

रामकिशोर का कहना है कि जब पांच साल बाद ऑपरेशन की डेट के बारे में मुझे पता चला तो डॉक्टरों से कई सवाल भी किए। जिस पर एक सीनियर रेजीडेंट ने उनसे कहा कि आपकी बच्ची गंभीर अवस्था में है, ये बात सभी डॉक्टर जानते हैं। लेकिन डॉक्टर चाहकर भी इस बच्ची का ऑपरेशन अभी नहीं कर सकते। सर्जरी के लिए हमारे पास सीमित संसाधन हैं और मरीज कई गुना ज्यादा। डॉक्टर की ये बात सुन रामकिशोर की सभी उम्मीदों पर पानी फिर गया।        

कई विभागों में वेटिंग तीन साल से ज्यादा

एम्स के सूत्रों की मानें तो दिल ही नहीं, बल्कि मस्तिष्क से जुड़ी बीमारियों को लेकर भी एम्स में काफी लंबी वेटिंग है। बताया जा रहा है कि कई विभागों में तीन साल से ज्यादा की वेटिंग चल रही है। सीटीवीएस के एक वरिष्ठ डॉक्टर का कहना है कि सीमित संसाधन और स्टाफ के साथ मरीजों की भीड़ हर दिन बढ़ना मुख्य वजह है। वेटिंग कम करने के लिए प्रबंधन के तमाम प्रयास वास्तविकता में फेल साबित हो रहे हैं।       
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