फेसबुक पर लगे यूजर्स का डाटा बेचने का आरोप अभी धुंधला भी नहीं हुआ था कि उसपर एक और आरोप लग गया है। इस बार फेसबुक पर डाटा चुराने का आरोप लगा है। इसको लेकर ब्रिटेन की संस्था चैरिटी प्राइवेसी इंटरनेशनल ने जर्मनी में काओस कंप्यूटर कांग्रेस में एक रिपोर्ट पेश की है। जिसमें बताया गया है कि फेसबुक उन मोबाइस यूजर्स की सूचनाओं को चुरा रहा है जो उसका इस्तेमाल तक नहीं करते हैं।
ज्यादातर एप डिवलेपिंग कंपनियां फेसबुक सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट किट (एसडीके) का प्रयोग करती हैं। जितनी ऐप्स एसडीके के जरिए डेवलप हुई हैं, सभी फेसबुक से जुड़े हुए हैं। यूजर जितनी बार इन ऐप्स का इस्तेमाल करता है उतनी बार उसका डेटा फेसबुक तक पहुंचता है।
आपके मोबाइल फोन में सेव किए नंबर, फोटो-वीडियो, ई-मेल्स और आप किन-किन वेबसाइट्स पर क्लिक करते हैं और कितनी देर तक देखते या देख चुके हैं इसकी जानकारी फेसबुक के पास चली जाती है। इसके अलावा किस तरह की जानकारियों को खोजते हैं, यह डाटा भी फेसबुक के पास पहुंचता है। इस मामले पर फेसबुक का कहना है कि डेटा शेयरिंग यूजर और कंपनी दोनों के लिए ही फायदेमंद है। यह एक सामान्य अभ्यास है।