अमेरिका के बाद सबसे ज्यादा डाटा लीक के मामले भारत में होते हैं। डिजिटल सिक्योरिटी फर्म गेमाल्टो की रिपोर्ट के मुताबिक, 2018 की पहले छह महीनों में विश्व में डाटा लीक की कुल मामलों में से 57 फीसदी से ज्यादा अमेरिका में हुए। हालांकि पिछले साल की तुलना में देखें तो इसमें 17 फीसदी की कमी आई है। वहीं भारत की बात करें तो कुल मामलों में से 37 फीसदी डाटा लीक की घटनाएं यहां हुई।
ब्रीच लेवल इंडेक्स के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, इस साल के शुरुआती छह महीनों में डाटा लीक की 945 घटनाएं हुईं, जिससे पूरी दुनिया में करीब 3.3 अरब डाटा रिकॉर्डों में सेंध लगाई गई। वहीं, भारत में यह आंकड़ा करीब एक अरब रहा। वहीं फेसबुक से दो अरब लोगों का डाटा लीक होने की घटना आधार के बाद विश्व में सबसे ज्यादा चर्चित रही।
यूरोप में यूके में सबसे ज्यादा मामले
रिपोर्ट के मुताबिक, यूरोप में 36 फीसदी घटनाएं कम हुई हैं, लेकिन रिकॉर्ड लीक होने के मामलों में 28 फीसदी इजाफा हुआ है। यूनाइटेड किंगडम में सबसे ज्यादा डाटा लीक की घटनाएं हुई हैं।