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सरकार देश में ही लगवाए माइक्रोसॉफ्ट और गूगल जैसी कंपनियों के सर्वर, नहीं होगा डाटा लीक: रिपोर्ट

Sat, 04 Aug 2018 06:15 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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क्लाउड कंप्यूटिंग नीति पर काम कर रहे भारत सरकार के एक पैनल ने सुझाव दिया है कि पर्सनल डेटा को सिर्फ देश में स्टोर किया जाए।

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रॉयटर्स की एक खबर के मुताबिक, पैनल ने रिपोर्ट में सुझाव दिया है कि देश में जनरेट होने वाला डाटा देश से बाहर न स्टोर किया जाए बल्कि देश में ही इसकी स्टोरेज की जाए। इससे डाटा लीक जैसे मामलों में जांच पड़ताल करने में आसानी होगी।

यह एक ऐसा प्रस्ताव जिससे अमेजन वेब सर्विस, माइक्रोसॉफ्ट और गूगल जैसी दिग्गज कंपनियों को झटका लग सकता है, जो इस तरह की सर्विस ऑफर करती हैं। अगर सरकार इसपर आगे बढ़ती है तो आने वाले समय में डेटा सर्विस महंगी हो सकती है जो कि ग्राहकों से वसुला जाएगा।
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गौरतलब है कि भारत डिजिटल बदलाव के दौर से गुजर रहा है और डिजिटल अर्थव्यवस्था को बढ़ावा दे रहा है ऐसे में अगर भारत में ही डाटा को स्टोर किया जाएगा तो देश में डिजिटल सुरक्षा को बढ़ावा मिलेगा। अभी तक हमारे देश में फोन या कंप्यूटर का डिजिटल डाटा किसी दूसरे कंपनी (विदेश) के सर्वर पर स्टोर होता है। और इस डाटा का रखरखाव की जिम्मेदारी भी इन्हीं कंपनियों के पास होती है। 

लाखों भारतीयों का डाटा हुआ था लीक

मालूम हो कि अमेरिकी सोशल मीडिया कंपनी फेसबुक ने इस साल अप्रैल में 5.62 लाख भारतीय लोगों के डाटा लीक की बात स्वीकार की थी। कंपनी की तरफ से इसमें कैंब्रिज एनाटलिटिका का नाम लिया गया था। फेसबुक ने कहा था कि ब्रिटिश कंपनी ने इसके लिए उनकी सहमति नहीं ली।
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क्या होता है क्लाउड स्टोरेज डाटा?

क्लाउड स्टोरेज डाटा स्टोर करने का एक वर्चुअल माध्यम है। हमारे फोन या कंप्यूटर का डिजिटल डाटा किसी दूसरे कंपनी के सर्वर पर स्टोर होता है और इस डाटा को आप कई माध्यम से एक्सेस कर सकते हैं। इसमें डाटा स्टोरेज के लिए एप्लिकेशन का सहारा लिया जाता है। क्लाउड स्टोरेज में डाटा स्टोर करने के लिए स्पेस अलग-अगल कंपनियों द्वारा प्रदान किया जाता है।

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