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दार्जिलिंग: GJM के प्रदर्शन से मुसीबत में टूरिस्ट, टॉय ट्रेन सेवा ठप

Tue, 20 Jun 2017 12:28 PM IST
amarujala.com- Presented by: अभिषेक मिश्रा
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- फोटो : pti
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पश्चिम बंगाल के दार्जिलिंग में आज आंदोलन का 8वां दिन है। गोरखा जनमुक्ति मोर्चा का आंदोलन बीते हफ्ते से हिंसक रूप ले चुका है। संगठन की मांग है कि उन्हें अलग प्रदेश गोरखालैंड दिया जाए। आंदोलन के चलते दार्जिलिंग हिमालयन रेलवे, जिसे टॉय ट्रेन के नाम से भी जाना जाता है, बाधित चल रही है। इसी बीच राज्य की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी नीदरलैंड के लिए रवाना हो गई। कोलकाता एयरपोर्ट पर मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा कि हिंसा किसी भी हालात में बरदास्त नहीं की जाएगी।
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#Darjeeling: Indefinite strike called by Gorkha Janmukti Morcha enters into eighth day #Gorkhaland (Visuals from Chowk Bazaar) pic.twitter.com/L0VPmMcWgd — ANI (@ANI_news) June 19, 2017
  Violent protest won't be tolerated. My ministers are monitoring the situation: Mamata Banerjee,West Bengal CM #DarjeelingUnrest pic.twitter.com/rBWrjdpQ3o — ANI (@ANI_news) June 19, 2017
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रविवार को जीजेएम के आंदोलनकारियों ने अपने तीन प्रशंसको के मौत के खिलाफ चौक बाजार पर प्रदर्शन किया। गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने भी आंदोलनकारियों से राज्य में शांति बनाए रखने की अपील की है। राज्य की सीएम ममता बनर्जी ने गोरखालैंड के इस आंदोलन को एक साजिश करार दिया था। उनका कहना था कि एक दिन में इतने हथियार नहीं इक्कठा किए जाते, इस हिंसा की प्लानिंग लंबे समय से चल रही थी। ममता ने एक और बयान में कहा था कि मैं बंगाल का बटवारा किसी हालात में नहीं होने दूंगी।

बता दें कि गोरखा जनमुक्ति मोर्चा प्रदर्शन बंगाली भाषा को लादे जाने के विरोध में कर रहे हैं। दरअसल, ममता बनर्जी की अगुवाई में पश्चिम बंगाल सरकार ने बंगाला भाषा को पश्चिम बंगाल के सभी स्कूलों के लिए अनिवार्य बना दिया था। जिसके बाद बंगाली भाषा लादे जाने के विरोध में गोरखालैंड के अर्ध-स्वायत्तशाषी इलाकों में हिंसा फैल गई। मौजूदा समय में दार्जिलिंग में सुरक्षा बलों के साथ ही आर्मी की भी तैनाती की गई है।
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