गोरखा जनमुक्ति मोर्चा के दो नेताओं को पार्टी से निकालने, मोर्चा प्रमुख विमल गुरुंग समेत तीन नेताओं के खिलाफ लुकआउट नोटिस जारी होने और हिंसा में एक मोर्चा समर्थक की मौत के बाद दार्जिलिंग पर्वतीय क्षेत्र में हालात एक बार फिर बिगड़ने के आसार हैं।
मोर्चा समर्थक बेमियादी बंद और अलग राज्य के मुद्दे पर हिंसक होने लगे हैं। तोड़फोड़ और आगजनी के आरोप में पुलिस ने शनिवार को कर्सियांग के नगरपालिका अध्यक्ष समेत दो लोगों को गिरफ्तार कर लिया। इससे 12 सितंबर को होने वाली सर्वदलीय बैठक पर भी संशय गहराने लगा है।
इस बीच, गुरुंग समर्थकों की गिरफ्तारी के मुद्दे पर सिक्किम व बंगाल पुलिस में भी ठन गई है। सिक्किम पुलिस का आरोप है कि कालिम्पोंग की एक पुलिस टीम ने स्थानीय पुलिस को सूचना दिए बगैर एक रिजार्ट पर छापा मार कर आठ मोर्चा समर्थकों को गिरफ्तार कर लिया और एक की गोली मार कर हत्या कर दी।
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उधर, मोर्चा के पूर्व संयुक्त सचिव विनय तामंग की सुरक्षा बढ़ा दी गई है। उनको कल एक अन्य नेता अनीत थापा के साथ पार्टी से निकाल दिया गया था। इन दोनों नेताओं का कसूर यह था कि यहां मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के साथ सर्वदलीय बैठक के बाद वापसी में कर्सियांग की एक रैली में उन्होंने 12 सितंबर तक बेमियादी बंद स्थगित करने का एलान कर दिया था।
पर्वतीय क्षेत्र में शुक्रवार से ही परिस्थिति बेहद तनावपूर्ण है। मोर्चा समर्थक कल से ही अलग-अलग हिस्सों में रैलियां निकाल रहे हैं। शनिवार को भी दार्जिलिंग समेत कई इलाकों में रैली निकाल कर विनय तामंग के पुतले फूंके गए और अलग गोरखालैंड की मांग उठाई गई।