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शिक्षकों ने बच्चों से कहा, 'खाना हम खिलाएंगे, पानी घर से लाओ'

Thu, 21 Apr 2016 05:30 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, ललितपुर

सार

  • घर से बोतल में पानी लेकर स्कूल जा रहे बच्चे
  • विकासखंड जखौरा के सबसे ज्यादा स्कूल हैं प्रभावित
  • 217 प्राथमिक एवं 103 पूर्व माध्यमिक स्कूलों में पेयजल संकट
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पानी का संकट - फोटो : amar ujala bureau
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विस्तार
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परिषदीय स्कूलों में बच्चों को खाने के लिए भरपेट भोजन तो मिल रहा है, लेकिन पीने के लिए पानी उन्हें घर से लाना पड़ रहा है। शिक्षकों ने बच्चों से स्पष्ट कर दिया है कि खाना तो हम खिलाएंगे, लेकिन पानी घर से लाना पड़ेगा। भीषण गर्मी के कारण भूगर्भ जल स्तर नीचे खिसक जाने के कारण जिले के 320 परिषदीय विद्यालयों में पेयजल संकट गहरा गया है। सबसे ज्यादा खराब स्थिति विकास खंड जखौरा के स्कूलों की है।
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भीषण गर्मी को दृष्टिगत रखकर बेसिक स्कूलों के समय में भले ही परिवर्तन कर दिया गया हो, लेकिन इससे बच्चों की परेशानियां कम नहीं हुई हैं। इस समय जिले के 217 प्राथमिक एवं 103 पूर्व माध्यमिक स्कूलों में पेयजल संकट गहरा गया है। इन स्कूलों में या तो पेयजल का कोई साधन नहीं है या फिर हैंडपंपों ने पानी देना बंद दिया है।

इसका खुलासा बेसिक शिक्षा विभाग के सर्वे में हुआ है। ब्लाक जखौरा के सबसे ज्यादा स्कूल पेयजल समस्या से जूझ रहे हैं। इसके बाद ब्लाक महरौनी का आता है। अन्य ब्लाकों की भी स्थिति संतोषजनक नहीं कही जा सकती है। लगभग हर दिन हैंडपंपों की पानी देने की क्षमता में कमी आ रही है, जिससे दिनोंदिन हालात बिगड़ते जा रहे हैं।
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बच्चे इस समस्या से निपटने के लिए बोतल में पानी लेकर पढ़ाई करने पहुंच रहे हैं। मध्यांतर में भोजन के बाद बोतल का पानी खत्म हो जाता है, जिसके बाद बच्चों का घर जाने का सिलसिला शुरू हो जाता है। स्कूल की छुट्टी होने तक कम ही बच्चे कक्षाओं में ठहरते हैं। इन हालात में स्कूलों में पढ़ाई व्यवस्था चरमरा रही है।

सबसे ज्यादा हालत खराब तो रसोइयों की है, उन्हें खाना बनाने के लिए दूर से पानी लाना पड़ा रहा है। प्राथमिक विद्यालय खुरा के शिक्षक केहर सिंह का कहना है कि घर से लेकर आ रहे बच्चों की बोतल का पानी स्कूल समयावधि तक नहीं चल पाता है। हालांकि, पानी के लिए वैकल्पिक इंतजाम स्कूल में किया गया है जो नाकाफी साबित हो रहे हैं। यही हाल प्राइमरी स्कूल ग्राम करगन, बालाजी, टौरिया व असऊपुरा में हैं।
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मंडलायुक्त का निर्देश भी नहीं आया काम

पानी का संकट - फोटो : amar ujala bureau
26 दिसंबर 2015 को मंडलायुक्त के राममोहन राव ने ग्राम थनवारा का भ्रमण किया था। उस दौरान स्कूल में पेयजल की समस्या की शिकायत हुई थी। उन्होंने बाहर लगे हैंडपंप में मोटर लगाकर जलापूर्ति कराने के निर्देश जल संस्थान के अफसरों को दिए थे, इसके बाद भी नतीजा सिफर रहा है। वर्तमान में स्कूली बच्चे घर से पानी की बोतल लेकर आते हैं। पूर्व माध्यमिक विद्यालय थनवारा के शिक्षक असरफ उल्ला कुरैशी का कहना है कि अधिकारियों को सूचना देने के बाद भी पानी की समस्या का समाधान नहीं हुआ। 

सीडीओ को सौंपी सूची
बेसिक शिक्षा अधिकारी शमीम खानम ने हैंडपंप रीबोर कराने के लिए चिह्नित स्कूलों की सूची सीडीओ को सौंप दी है। विकासखंड तालबेहट में 29 प्राथमिक, 13 पूर्व माध्यमिक, ब्लाक बार में 25 प्राथमिक, 12 पूर्व माध्यमिक, ब्लाक महरौनी में 55 प्राथमिक, 32 पूर्व माध्यमिक, ब्लाक मड़ावरा में 11 प्राथमिक, 06 पूर्व माध्यमिक, ब्लाक बिरधा में 39 प्राथमिक, 15 पूर्व माध्यमिक, ब्लाक जखौरा में 58 प्राथमिक और 25 पूर्व माध्यमिक विद्यालय में पेयजल की व्यवस्था गड़बड़ा गई है।

आवासीय स्कूलों के बोर दे रहे जवाब
कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालयों में भी पेयजल संकट गहरा गया है। ब्लाक महरौनी के आवासीय स्कूल में तीन में से दो बोर ने काम करना बंद कर दिया है। ब्लाक बिरधा के स्कूल में तीन में से एक बोर में पानी नहीं के बराबर निकल रहा है। ब्लाक तालबेहट के स्कूल में लगे हैंडपंप से पानी कम निकलने लगा है।
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