-14 अक्तूबर 2014 : बंगाल की खाड़ी से उठे हुदहुद तूफान व उसके प्रभाव से हुई मूसलाधार बारिश ने आंध्रप्रदेश व ओडिशा में तबाही मचाई। इसने बंगाल, झारखंड, बिहार, उत्तर प्रदेश, पंजाब एवं हरियाणा में भी व्यापक असर डाला। इस तूफान की वजह से 25 लोगों की मौत हुई।
-12 अक्तूबर 2013 : ओडिशा और आंध्रप्रदेश में आए पाइलीन तूफान से माली नुकसान तो हुआ लेकिन जान का नुकसान ज्यादा नहीं हुआ। इस तूफान को लेकर पहले ही केंद्रीय एजेंसियों और राज्य सरकारों ने सतर्कता बरती थी और निपटने के लिए जरूरी इंतजाम कर लिए थे। पांच लाख से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहले ही भेज दिया गया था। तूफान से खतरे को देखते हुए 72 घंटे पहले ही अलर्ट जारी कर दिया गया था।
-31 अक्तूबर, 2012 : तमिलनाडु और आंध्र प्रदेश के तटीय इलाके में चक्रवाती तूफान ‘नीलम’ आया। इसमें दो लोगों की मौत हुई। तूफान की गति 110 किमी प्रति घंटा थी।
-2 जून 2010 : अहमदाबाद के अरब सागर में उठे चक्रवात ‘फेट’ ने भयंकर रूप धारण किया। इसकी वजह से गुजरात के कुछ हिस्सों में भारी बारिश हुई थी।
-21 मई 2010 : आंध्रप्रदेश में लैला नामक तूफान ने तटीय इलाकों में तबाही मचाई। इसकी चपेट में आने से 23 लोगों की मौत हुई। तूफान से 20,000 हेक्टेयर फसल पूरी तरह बर्बाद हो गई थी।
-14 अप्रैल 2010 : पश्चिम बंगाल, बिहार और असम में 125 किलोमीटर की रफ्तार से आए भयंक र चक्र वात ने 120 लोगों की जान ले ली और 200 से ज्यादा लोग घायल हुए।