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गुजरात में दलित महापंचायत की रेल रोकने, जेल भरने की चेतावनी

Mon, 15 Aug 2016 09:20 PM IST
प्रशांत दयाल, बीबीसी/ अहमदाबाद
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- फोटो : bbc
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गुजरात में दलितों के महासम्मेलन में राज्य और केन्द्र सरकार को चेतावनी दी गई है कि अगर पशुओं की खाल उतारने का काम कर रहे दलितों को तीस दिन के भीतर पांच एकड़ जमीन या वैकल्पिक रोजगार नहीं दी जाती तो वो रेल रोको और जेल भरो आंदोलन करेंगे। पांच अगस्त से अहमदाबाद से शरू हुई दलित अस्मिता यात्रा सोमवार को उना में खत्म हुई।
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वेरावल के उना में दलित महासम्मेलन का आयोजन 11 जुलाई को कथित गौहत्या के नाम पर दलितों की पिटाई के बाद बुलाया गया था। इस मामले में पुलिस ने 32 अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है। इस यात्रा का मकसद दलितों की समस्याओं और मांगों की ओर ध्यान केंद्रित करना था और इसकी आयोजक उना दलित अत्याचार विरोधी समिति थी।

दलित नेता जिग्नेश मेवाणी ने वहां जमा 10 हजार से ज्याद लोगों को शपथ दिलाई- "अब कोई दलित मृत पशु की खाल उतारने का और गटर में उतरकर सफाई करने का काम नहीं करेगा। हम यह काम छोड़ना चाहते हैं। हम कानून के प्रावधान के तहत दलितों के लिए पांच एकड़ जमीन मांगते हैं, अगर जमीन नहीं मिली तो देशभर में रेल रोकी जाएगी।"
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मेवाणी ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पर आरोप लगाया कि दलितों के मुद्दे पर अब तक वो चुप रहे हैं। उन्होंने कहा, "मोदी जब गुजरात के मुख्यमंत्री थे, तब थानगढ़ के तीन दलितों की गोली मारकार हत्या कर दी गई थी। तब तो मोदी जी ने नहीं कहा कि मुझे गोली मारो। अब गुजरात के कारण उन पर दबाव बढ़ा, तब वो दलितों की बात करते हैं।"
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छात्र नेता कन्हैया कुमार ने कहा, मोदी का गुजरात मॉडल खोखला है

कन्हैया कुमार - फोटो : ANI
दिल्ली से सम्मेलन में शामिल होने आए छात्र नेता कन्हैया कुमार ने कहा,"नरेन्द्र मोदी जिस गुजरात मॉडल की बात करते हैं वो कितना खोखला है ये बात उना कांड के बाद बाहर आ गया है। हमें आजादी के इस पर्व पर मोदीवाद और मनुवाद से आजादी चाहिए।"

इस मौके पर रोहित वेमुला की मां राधिका कुमारी ने कहा, "मैंने अपना बेटा खोया है। मैं नहीं चाहती अब कोई दलित मां अपना बेटा खोए। अब ऐसी स्थिति बनानी होगी कि किसी रोहित को अपनी जान न देनी पड़े।"

उना में मौजूद गुजरात के वरिष्ठ पत्रकार विजय सिंह परमार के अनुसार, "गुजरात में पहली बार इतनी बड़ी संख्या में दलित बाहर आए हैं। महत्वपूर्ण बात यह भी है कि दलितों के समर्थन में बड़ी तादाद में मुस्लिम भी गुजरात के विभन्न शहरों से आए हैं।"
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