ऊना में दलित युवकों की पिटाई के बाद न्याय की मांग के लिए सैकड़ों दलितों और विभिन्न नागरिक अधिकार संगठनों के सदस्यों ने शुक्रवार को शहर से पैदल मार्च ‘दलित अस्मिता यात्रा’ की शुरुआत की। गिर सोमनाथ जिले में ऊना शहर के वेजलपुर क्षेत्र से करीब 800 लोगों ने सुबह 380 किलोमीटर लंबी दस दिन की यात्रा की शुरुआत की।
पैदल यात्रा के आयोजकों में से एक जिग्नेश मेवानी ने कहा कि यह ‘अस्मिता यात्रा’ देश भर के दलितों को पुरानी परंपराओं से आजादी की दिशा में पहला कदम है। हम अपनी यात्रा के दौरान दलितों से मृत जानवरों को उठाने के पारंपरिक काम को छेड़ने का आग्रह कर सरकार को एक कड़ा संदेश देना चाहते हैं।
मेवानी ने कहा कि दस दिनों की यात्रा के दौरान दलित समुदाय के लोगों को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करने के लिए दलित नेता छोटी-छोटी सभाओं को संबोधित करेंगे। उन्होंने कहा कि इस पदयात्रा का मुख्य उद्देश्य सरकार को यह संदेश देना है कि दलित अपने ऊपर किसी भी प्रकार का अत्याचार नहीं सहेगा। यात्रा के दौरान नेता सरकार से दलितों को खेती की जमीन देने की मांग करेंगे जिससे कि वे सम्मान की जिंदगी जी सकें।