गुजरात के वडोदरा में डॉ. आंबेडकर की मूर्ति पर केंद्रीय मंत्री मेनका गांधी के माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि देने के बाद दलित संगठन के कुछ नेताओं द्वारा मूर्ति को दूध से शुद्ध करने का मामला सामने आया है।
इस घटना के बाद बाबा साहब की 127वीं जयंती पर भी दलितों का भाजपा के खिलाफ गुस्सा फिर देखने को मिला। दरअसल दलितों का कहना है कि भाजपा नेताओं के मूर्ति को छूने से वह अशुद्ध हो गई।
बता दें कि महिला एवं बाल विकास मंत्री मेनका गांधी पार्टी के अन्य नेताओं के साथ सुबह करीब 9 बजे जीईबी सर्किल स्थित रेस कोर्स में इस कार्यक्रम में हिस्सा लेने पहुंची थीं।
इस दौरान उनके खिलाफ नारेबाजी भी की गई। जैसे ही मेनका वहां से निकली दलितों ने मूर्ति को अशुद्ध करार देते हुए दूध और पानी से उसका शुद्धिकरण किया। उनका कहना था कि भाजपा नेताओं की मौजूदगी से वातावरण और मूर्ति दूषित हो गई थी।
इससे पहले दलित संगठनों के नेताओं का कहना था कि वह बाबा साहब को श्रद्धांजलि देने मेनका गांधी से पहले पहुंचे हैं तो पहले उन्हें श्रद्धांजलि देने का मौका मिलना चाहिए। इसपर पुलिस ने उन्हें मना करते हुए केंद्रीय मंत्री को पहले श्रद्धांजलि देने का मौका दिया।