दलित बेटी को मंदिर परिसर में लगे हैंडपंप से पुजारी द्वारा पानी पीने से रोकने के मामले ने तूल पकड़ लिया है। इस घटना में विरोध जताने गए दलित किशोरी के पिता को पुजारी और उसके एक सहयोगी ने भाला मारकर घायल कर दिया था।
इस घटना के इसके विरोध में बसपा और दलित संगठन मुखर हो गए हैं। सोमवार को बसपा जिलाध्यक्ष ने गंगुर्रा गांव पहुंचकर पीड़ित से घटनाक्रम जाना। दूसरी ओर, राष्ट्रीय मजदूर ट्रेड यूनियन ने मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन एसडीएम को सौंपा। इस बीच प्रशासन का खुफिया तंत्र सक्रिय भी घटनाक्रम पर रख रहा है।
गुन्नौर क्षेत्र के गांव गंगुर्रा में रविवार को दलित किशोरी को मंदिर परिसर में लगे नल को छूने से पुजारी ने रोक दिया था। इतना ही नहीं विरोध करने पर किशोरी के पिता पर हमला कर घायल कर दिया था।
इस घटना को लेकर राजनीतिक दलों और दलित संगठनों में रोष पनपने लगा है। बहुजन समाज पार्टी के जिलाध्यक्ष धर्मेंद्र कुमार सोमवार की शाम गंगुर्रा गांव पहुंचे और पीड़ित परिवार से मिले। उन्होंने घटना की निंदा करते हुए अधिकारियों से कार्रवाई की मांग की।
दलित एकता मंच, धर्मार्थ सेवा संस्थान के सदस्यों, जनता युवा जागृति मंच ने अलग-अलग बैठक कर घटना की निंदा करते हुए दलितों पर हो रहे उत्पीड़न को रोकने की मांग की है।
युवा जागृति मंच ने तो चेतावनी दी कि दलित उत्पीड़न की घटनाएं नहीं रुकी तो होगी अलग प्रदेश की मांग होगी। हालांकि पुलिस ने इस मामले में पुजारी और उसके सहयोगी को पहले ही गिरफ्तार कर रखा है।