महाराष्ट्र में दही-हांडी उत्सव पर सर्वोच्च न्यायालय की ओर से कुछ प्रतिबंध लगाए जाने के खिलाफ मनसे के सक्रिय होने के बाद शिवसेना ने भी कड़ा रुख अख्तियार किया है। शिवसेना ने शनिवार को कहा कि लोग हिंदू उत्सवों के संबंध में इस प्रकार की बाधाएं लगाने के प्रयासों को विफल कर देंगे। शिवसेना हिंदू त्यौहार पर किसी प्रकार का प्रतिबंध स्वीकार नहीं करेगी।
शिवसेना ने मुखपत्र की संपादकीय में कहा है कि गणेशोत्सव, दही-हांडी और नवरात्रि त्योहार सभी हमारी आस्था का विषय हैं। न्यायालयों को कम से कम इस मुद्दे पर लक्ष्मण रेखा पार नहीं करनी चाहिए। जनता ने लोकतांत्रिक तरीके से अपनी सरकार चुनी है। यह काम सरकार को करने दीजिए। सरकार यह जानती है कि क्या सही है और क्या गलत है। यदि सरकार को नकारने और लोकतंत्र की हत्या का प्रयास किया जाएगा, तो सभी मोर्चो पर राष्ट्रीय व्यवस्था ध्वस्त हो जाएगी। शिवसेना ने कहा कि हिंदुओं के त्योहार और रीति रिवाज परम्परानुसार जारी रहेंगे। लोग इनमें बाधा डालने के प्रयासों को विफल कर देंगे और शिवसेना इसकी अगुवाई करेगी।
शिवसेना ने कहा कि जब अदालतें सरकार का काम करने लगेंगी, तो उन्हें बदनामी सहने के लिए भी तैयार रहना चाहिए। जिस काम की उम्मीद सरकार से की जाती है अदालतें ऐसे फैसले करने की कोशिश कर रही हैं। शिवसेना ने कहा कि उत्सवों के बारे में अदालतों के इस तरह के फतवों निर्देशों से जनता में गुस्सा है।