नमक से लेकर सॉफ्टवेयर तक बनाने वाली 100 अरब डॉलर की कंपनी टाटा ग्रुप ने अपने अध्यक्ष साइरस मिस्त्री को बर्खास्त कर कॉर्पोरेट जगत को चौंका दिया। कंपनी के बोर्ड ने चार साल से अध्यक्ष का पद संभाल रहे 48 वर्षीय मिस्त्री की छुट्टी कर इसकी अंतरिम कमान एक बार फिर से रतन टाटा को सौंप दी।
अब खबर है कि सायरस मिस्त्री इस फैसले के खिलाफ कोर्ट जाएंगे। बॉम्बे हाई कोर्ट में टाटा सन्स लिमिटेड के इस फैसले को चुनौती देंगे। टाटा ग्रुप के सबसे बड़े हिस्सेदार शापूरजी एवं पालोनजी ग्रुप ने फैसले को चुनौती देते हुए हाईकोर्ट जाने का मन बना लिया है।
शापूरजी पलोनजी ग्रुप का कहना है कि मिस्त्री को पद से हटाने से पहले कम से कम 15 दिन का नोटिस देना जरूरी था लेकिन ऐसा नहीं किया गया। बोर्ड के नौ में से छह सदस्यों ने मिस्त्री के खिलाफ वोट दिया जबकि दो सदस्य वोटिंग से अलग रहे। लिहाजा यह सर्वसम्मति से किया गया फैसला नहीं है। उधर, टाटा ग्रुप ने भी इस मामले के कोर्ट में जाने को लेकर अपनी तैयारियां शुरू कर दी हैं। ग्रुप ने कई सीनियर वकीलों से बातचीत की है।