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चक्रवात : ‘बहुत गंभीर तूफान’ के रूप में 26 को बंगाल-ओडिशा से गुजरेगा यास

Sun, 23 May 2021 02:06 AM IST
Jeet Kumar एजेंसी, नई दिल्ली।

सार

क्षेत्रीय मौसम विज्ञान ने बताया कि 26 मई को बंगाल व उड़ीसा के तटीय इलाकों में 90 से 110 किमी प्रतिघंटा की रफ्तार से हवाएं चलेंगी और कई जगहों पर मध्यम से भीषण बारिश भी होगी।
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : पीटीआई
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विस्तार
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बंगाल की खाड़ी के मध्य पूर्वी हिस्से में कम दबाव का क्षेत्र बनने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। यह 24 मई तक चक्रवाती तूफान यास का रूप ले लेगा। मौसम विभाग ने शनिवार को ट्वीट किया, यास भी उत्तर-उत्तरपश्चिमी दिशा में आगे बढ़ते हुए बहुत गंभीर तूफान में तब्दील होगा। यास के 26 मई की शाम तक बंगाल व ओडिशा तट से गुजरते हुए बांग्लादेश की ओर आगे बढ़ेगा।

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मौसम विभाग ने इससे पहले अनुमान लगाया था कि यास 26 मई को बंगाल व ओडिशा तट से टकरायेगा। इसके चलते दोनों राज्यों मे 22 से 26 मई तक भारी बारिश का भी पूर्वानुमान था।

क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्र के निदेशक जीके दास ने बताया कि 26 मई को बंगाल व उड़ीसा के तटीय इलाकों में 90 से 110 किमी प्रतिघंटा की रफ्तार से हवाएं चलेंगी और कई जगहों पर मध्यम से भीषण बारिश भी होगी।
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बंगाल के साथ ही सिक्किम के कुछ इलाकों में भी हल्की से भारी बारिश होने के आसार हैं। यास की चेतावनी को मद्देनजर रखते हुए बंगाल के मछुआरों को 23 मई से पहले पहले समुद्र से वापस लौटने और अगली सूचना तक समुद्र में नहीं जाने की सलाह दी गई है।

नौसेना ने कसी कमर
भारतीय नौसेना ने यास की चेतावनी के साथ ही राहत एवं बचाव कार्य के लिए कमर कस ली है। पूर्वी तट पर नौसेना के मानवीय सहायता एवं आपदा राहत समूह (एचएडीआर) ने चार जहाजों और हवाई जहाजों को स्टैंडबाय पर रख लिया गया है।

साथ ही गोताखोरों और मेडिकल टीमों को भी तैयार रहने के निर्देश दिए गए हैं। विशाखापत्तनम में आईएनएस डेगा, चेन्नई में आईएनएस रजाली भी मोर्चे के लिए तैयार हैं। आठ बाढ़ राहत टीमें और चार गोताखोरों की टीमें पश्चिम बंगाल और ओडिशा के तटीय इलाकों में तैनात कर दी गई हैं।

पी-305 के 61 कर्मियों के शव बरामद 30 की डीएनए जांच कराएगी पुलिस
ताउते तूफान के बीच अरब सागर में डूबे ओएनजीसी के बार्ज पी305 के 61 कर्मियों के शव बरामद हो चुके हैं। मुंबई पुलिस के प्रवक्ता डीएसपी चैतन्य एस ने शनिवार को बताया कि 30 शवों की पहचान के लिए डीएनए जांच कराई जाएगी, जबकि 31 की पहचान हो चुकी है जिनमें से 28 शव परिवारों को सौंप दिए गए हैं।

शवों की पहचान के लिए सांताक्रूज के कालीना स्थित फोरेंसिक लैब के सहयोग से डीएनए सैंपल किट तैयार की जा रही है।  मुंबई के येलो गेट पुलिस ने शुक्रवार को ही इस मामले में बार्ज के कैप्टन राकेश बल्लभ व अन्य के खिलाफ बार्ज के कप्तान के खिलाफ गैर इरादतन हत्या व अन्य धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। लापता 12 लोगों की तलाश में नौसेना का अभियान छठे दिन भी जारी रहा।

त्रासदी पर सियासत


असली गुनहगार को बचा रही ठाकरे सरकार: भाजपा
ताउते तूफान में पी-305 बार्ज डूबने से 61 लोगों की मौत के बाद महाराष्ट्र में सत्ताधारी और विपक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया है। राज्य की तीन दलों की सरकार ने इस हादसे के लिए केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा मांगा है। वहीं, भाजपा विधायक व पूर्वमंत्री आशीष शेलार ने पलटवार करते हुए शनिवार को कहा, राज्य सरकार असली गुनहगार को बचा रही है।

शेलार ने कहा, राज्य सरकार एफकॉन्स इन्फ्रास्ट्रक्चर कंपनी को बचा रही है। कैप्टन राकेश बल्लभ के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर मामले को रफादफा किया जा रहा है। ताउते का अलर्ट 11 मई को जारी हुआ था। एफकॉन्स ने 10 मई को ही ओएनजीसी को पत्र लिखकर 15 जून तक समुद्र में काम करने की अनुमति मांगी थी।

नेवल सिक्यूरिटी सर्टिफिकेट (एनएससी) डिफेंस और ओएनजीसी ने इसकी इजाजत नहीं दी और उन्हें वापस लौटने का निर्देश दिया था। वैसे भी, समुद्र में काम करने वाले सभी जहाजों को हर साल 15 मई से पहले वापस लौटना होता है।

इसके बावजूद एफकॉन्स वापस नहीं हुई। शेलार ने कहा, पुलिस ने बार्ज के कप्तान के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है जो खुद समुद्र में लापता हैं। ऐसे में घटना की तफ्तीश और पीड़ितों को न्याय कैसे मिलेगा। इस हादसे के लिए एफकॉन्स के मालिक शापूर पालनजी के खिलाफ तत्काल गैर इरादतन हत्या का मामला दर्ज कर कंपनी को काली सूची में डाला जाना चाहिए।

हादसे के लिए ओएनजीसी जिम्मेदार, प्रधान इस्तीफा दें: शिवसेना
शिवसेना प्रवक्ता संजय राउत ने पापा-305 बार्ज के डूबने के लिए ओएनजीसी को जिम्मेदार बताते हुए पेट्रोलियम मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की। उन्होंने कहा, ताउते की सूचना पूरे देश को थी। ऐसे में क्या इसकी जानकारी ओएनजीसी को नहीं थी। लेकिन बार्ज पर काम करने वाले कर्मचारियों का जीवन खतरे में डाला गया।

इसके हादसे के लिए जिम्मेदार ओएनजीसी के निदेशक और महाप्रबंधक के खिलाफ गैरइरादतन का हत्या दर्ज होना चाहिए। शिवसेना ने पार्टी के मुखपत्र की संपादकीय में इस पूरी घटना को ‘समुद्र में नरसंहार’ बताते हुए पेट्रोलियम मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से इस्तीफे की मांग की है।
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कैबिनेट सचिव ने लिया तैयारियों का जायजा

ताउते से हुई मौतों को गंभीरता से लेते हुए कैबिनेट सचिव राजीव गाबा ने शनिवार को राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन समिति के साथ बैठक कर यास से निपटने की तैयारियों पर चर्चा की।

उन्होंने बंगाल और ओडिशा सरकार को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया कि 26 मई से पहले सभी नावें व जहाज तट पर लौट आए। साथ ही खतरे वाले इलाकों से सभी लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचा दिया जाए।

कोरोना महामारी को लेकर भी उन्होंने सतर्क रहने के निर्देश दिए और अस्पतालों व कोरोना से जुड़े बुनियादी ढांचे को बचाने के प्रयास करने का सुझाव दिया। गाबा ने केंद्र व राज्यों की तैयारियों का जायजा लेते हुए जोर दिया कि समय पर सभी आवश्यक कदम उठाए जाएं ताकि कम से कम नुकसान हो और ज्यादा से ज्यादा लोगों को बचाया जा सके।

इसके अलावा बिजली, दूर संचार समेत अन्य आवश्यक सेवाओं को बहाल रखने पर भी जोर दिया। बैठक में पश्चिम बंगाल, ओडिशा, तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश, अंडमान निकोबार और पुडुचेरी के मुख्य सचिव व गृह, ऊर्जा, जहाजरानी, पेट्रोलियम, दूरसंचार, उड्डयन मंत्रालय के सचिव और रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष, तटरक्षक, एनडीआरएफ और मौसम विभाग के महानिदेशकों ने हिस्सा लिया।

एनडीआरएफ की 65 टीमें तैनात, 20 स्टैंडबाय पर
यास से निपटने के लिए एनडीआरएफ ने 65 टीमों को दोनों राज्यों के तटीय इलाकों में तैनात कर दिया है। वहीं 50 अतिरिक्त टीमों को स्टैंडबाय पर रखा गया है। इसके अलावा सेना, नौसेना और भारतीय तटरक्षक भी अलर्ट हैं।
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