अरब सागर में उठा ताउते तूफान मुंबई में कुछ दूर से होकर गुजर गया लेकिन भयंकर तबाही का मंजर छोड़ गया। मुंबई, ठाणे और पालघर में चक्रवाती तूफान से 11 लोगों की मौत हो गई। वहीं, तूफान के चलते भारी नुकसान हुआ है जिसका आंकलन किया जा रहा है।
ताउते तूफान से मुंबई में बीते 24 घंटे में तीन लोगों की मौत हो गई जबकि 10 लोग घायल हो गए। वहीं, पड़ोसी जिले ठाणे और पालघर में चक्रवात से अलग-अलग घटनों में 5 लोगों के मौत की खबर है। इसमें एक 51 वर्षीय ऑटोचालक भी शामिल है। ताउते तूफान की वजह से अरब सागर में ऊंची लहरें उठी थी। जिसके कारण चौपाटी, मरीन ड्राईव और गेट वे ऑफ इंडिया पर कई टन कचरा जमा हो गया। इस तूफान की वजह से कई ऊंची और ऐतिहासिक इमारतें भी क्षतिग्रस्त हुई हैं।
बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) की ओर से बताया गया है कि माहिम और मढ़ जेट्टी के पास दो नौक दुर्घटनाग्रस्त होने से दो लोगों की मौत हो गई। वहीं, वरली में एक झुग्गी बस्ती पर पेड़ गिरने से एक महिला की मृत्यु हो गई। मुंबई में दीवार गिरने से नौ लोग घायल हुए जबकि एक व्यक्ति पेड़ गिरने से बुरी तरह जख्मी हो गया। मुंबई से सटे पालघर के वसई-विरार और ग्रामीण इलाकों में भी बिजली चली गई। कुछ स्थानों पर मंगलवार को शाम चार बजे तक बिजली की आपूर्ति बहाल हो गई जबकि कई इलाकों में अब भी अंधेरा छाया हुआ है।
मुंबई में मई में 24 घंटे में अब तक की रिकॉर्ड बारिश
चक्रवाती तूफान ताउते के कारण मुंबई में 230 मिलीमीटर बारिश हुई। पुणे स्थित भारतीय मौसम विज्ञान संस्थान में उत्तरी हिंद महासागर में चक्रवातों को लेकर शोध करने वाले विनीत कुमार ने मंगलवार को ट्वीट किया, मुंबई (सांताक्रूज) चक्रवात के प्रभाव के कारण पिछले 24 घंटों में 230 मिमी बारिश हुई, यह दर्ज इतिहास में मुंबई में मई में 24 घंटे में हुई सबसे अधिक बारिश है।
भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के मुंबई केंद्र के अनुसार, सांताक्रूज वेधशाला ने मंगलवार सुबह 8.30 बजे समाप्त हुई 24 घंटे की अवधि में 230.3 मिमी बारिश दर्ज की। इसके अलावा, कोलाबा वेधशाला ने इसी अवधि के दौरान 207.6 मिमी बारिश दर्ज की। आईएमडी की गणना के अनुसार, 204.5 मिमी से अधिक वर्षा को अत्यधिक भारी वर्षा माना जाता है।
रायगढ़ में दूसरे साल भी बरपा प्रकृति का कहर
मुंबई से करीब सौ किलोमीटर दूर कोकण तटीय जिला रायगढ़ में पिछले साल आए निसर्ग चक्रवाती तूफान के बाद इस साल ताउते तूफान का भी कहर बरपा। रायगढ़ जिले में चार लोगों की मौत हो गई और सैकड़ों घर क्षतिग्रस्त हो गए हैं। आम, काजू और नारियल के पेड़ धराशाई हो गए जिससे लोगों की आजिविका पर भी भारी असर पड़ा है। रायगढ़ सहित तटवर्ती जिले सिंधुदुर्ग में 18.43 लाख से ज्यादा घरों में बिजली चली गई।
अधिकारियों ने बताया कि कुल 135 ‘हाई टेंशन वायर’ के खंभे, 418 ‘लोकल ट्रांसमिशन’ के खंभे और आठ ‘ट्रांसफार्मर’ क्षतिग्रस्त हुए हैं। राज्य के ऊर्जामंत्री नितिन राऊत ने कहा है कि विद्युत आपूर्ति बहाल करने केलिए 13,172 कर्मचारी युद्धस्तर पर काम कर रहे हैं। रायगढ़ की जिलधिकारी निधि चौधरी ने सभी तहसीलदारों को चक्रवात से हुए नुकसान का आकलन करने का निर्देश दिया है।