भारतीय नौसेना ने अरब सागर में आए चक्रवाती तूफान ‘ताउते’ के कारण समु्द्र में अनियंत्रित होकर बहे एक बजरे पर सवार 261 लोगों में से मंगलवार शाम तक 182 लोगों को बचा लिया है। 79 की तलाश अभी जारी है। एक अधिकारी ने बताया कि नौसेना ने बचाव कार्य के लिए मंगलवार सुबह पी-81 को तैनात किया था। यह खोज एवं बचाव कार्यों के लिए एक बहुमिशन समुद्री गश्ती विमान है। बचाव अभियान अब भी जारी है।
इससे पहले, सोमवार को निर्माण कंपनी ‘एफकान्स’ के बंबई हाई तेल क्षेत्र में अपतटीय उत्खनन के लिए तैनात दो बजरे लंगर से खिसक गए और वे समुद्र में अनियंत्रित होकर बहने लगे थे, जिसकी जानकारी मिलने के बाद नौसेना ने तीन फ्रंटलाइन युद्धपोत तैनात किए थे।
इन दो बजरे की मदद के लिए आईएनएस कोलकाता, आईएनएस कोच्चि और आईएनएस तलवार को तैनात किया गया था। नौसेना के एक प्रवक्ता ने कहा, ‘‘ समुद्र में बजरे पी305 से बेहद चुनौतीपूर्ण स्थिति में कुल 182 लोगों को बचाया गया है।’ उन्होंने बताया कि अन्य लोगों को बचाने के लिए खोज एवं बचाव (एसएआर) अभियान जारी है।
उन्होंने कहा, ‘‘ वहीं, एक अन्य घटना में आईएनएस कोलकाता ने पोत वर प्रभा के ‘लाइफ राफ्ट’ से भी दो लोगों को बचाया और पी305 के चालक दल के सदस्यों को बचाने के लिए आइएनएस कोच्चि के साथ खोज एवं बचाव कार्य में जुट गया।’’ मौसम विभाग ने जानकारी दी कि गुजरात तट से टकराने के बाद ताउते तूफान अब कमजोर पड़ गया है। वहीं गुजरात में दो लाख से ज्यादा लोगों को सुरक्षित स्थानों पर भेजा जा चुका है। ताउते से महाराष्ट्र में छह लोगों की मौत हो गई है।
गोवा के लाइट हाउस में फंसे दो कर्मचारियों को चेतक ने निकाला
उधर, तटरक्षक बल के एयर एन्क्लेव गोवा के चेतक हेलिकॉप्टर ने वास्को से 38 समुद्री मील दूर वेंगरुला लाइट हाउस में फंसे लाइट हाउस अथॉरिटी के दो कर्मचारियों को निकाल लिया। लाइटहाउस में बिजली गुल हो गई थी और ताउते के कारण चली तेज हवाओं व समुद्री लहरों के कारण यह क्षतिग्रस्त हो गया था।
समुद्र किसी को नहीं बख्शता: उप नौसेना प्रमुख
इस बीच, नौसेना के उपप्रमुख ने कहा है कि युद्धपोत कुछेक मिसाइलों से नुकसान उठा ने के बाद भी अपनी लड़ाकू क्षमता बनाए रख सकते हैं, लेकिन समुद्र किसी को नहीं बख्शता। समुद्र एक अच्छा दोस्त है, लेकिन उतना ही बड़ा दुश्मन भी है। हमारे जहाज और चालक दल अच्छी तरह से प्रशिक्षित हैं और वे किसी भी चुनौती का सामना करने के लिए तैयार हैं।