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चक्रवात ताउते : गुजरात में मछुआरों के लिए 105 करोड़ रुपये के राहत पैकेज की घोषणा  

Thu, 03 Jun 2021 03:24 AM IST
देव कश्यप एजेंसी, अहमदाबाद

सार

एक आधिकारिक विज्ञप्ति में बताया गया कि मुख्यमंत्री विजय रूपाणी ने एक बैठक में स्थिति की समीक्षा करने के बाद राहत पैकेज का फैसला लिया।
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गुजरात के मुख्यमंत्री विजय रुपाणी - फोटो : ANI
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विस्तार
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गुजरात सरकार ने चक्रवाती तूफान ताउते से प्रभावित मछुआरों के लिए 105 करोड़ रुपये के राहत पैकेज की घोषणा की है। अधिकारियों के आंकलन में पाया गया कि पिछले महीने आए चक्रवाती ताउते तूफान से राज्य के तटीय क्षेत्र में भारी नुकसान हुआ था। सरकार द्वारा जारी एक आधिकारिक विज्ञप्ति में कहा गया कि मुख्यमंत्री विजय रूपाणी ने मंगलवार शाम एक बैठक के दौरान स्थिति की समीक्षा के बाद मछुआरों को राहत पैकेज देने के बारे में निर्णय लिया। चक्रवात ताउते ने 17 मई की रात को लगभग 220 किलोमीटर प्रति घंटे की तेज रफ्तार से गुजरात तट पर दस्तक दी थी।

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विज्ञप्ति में कहा गया है कि इसने राज्य के जाफराबाद, राजुला, सैयद राजपारा, शियाल बेट और नवा बंदर बंदरगाहों पर लंगर वाली नावों, मछली पकड़ने के जाल, ट्रॉलर और समुद्री बुनियादी ढांचे को बड़ा नुकसान पहुंचाया। साथ ही चक्रवाती तूफान में मछुआरों के घर भी क्षतिग्रस्त हो गए। पैकेज के हिस्से के रूप में, राज्य सरकार प्रभावित मछुआरों को 1,000 से अधिक छोटे और बड़े आकार की नावों को हुए नुकसान की भरपाई के लिए 25 करोड़ रुपये की सामूहिक राशि का भुगतान करेगी।

पूरी तरह से क्षतिग्रस्त छोटे आकार की नाव के लिए सरकार नाव के मूल्य का 50 प्रतिशत या 75,000 रुपये, जो भी कम हो, का भुगतान करेगी। आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त छोटे आकार की नाव के मामले में, मुआवजा नाव के मूल्य का 50 प्रतिशत या 35,000 रुपये, जो भी कम हो, दिया जाएगा । इसमें कहा गया है कि पूरी तरह से क्षतिग्रस्त ट्रॉलर के लिए मुआवजा 5 लाख रुपये या ट्रॉलर के मूल्य का 50 प्रतिशत होगा।
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राज्य सरकार उन सभी मछुआरों को प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण के माध्यम से 2,000 रुपये देगी, जिनकी नावें चक्रवात में पूरी तरह या आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हो गई थीं। पूरी तरह से क्षतिग्रस्त नाव की मरम्मत के लिए 10 लाख रुपये के ऋण पर, राज्य सरकार दो साल की अवधि के लिए ब्याज का 10 प्रतिशत वहन करेगी। पैकेज के तहत, राज्य सरकार ने चक्रवात में क्षतिग्रस्त हुए समुद्री बुनियादी ढांचे को बहाल करने की भी योजना बनाई है।

विज्ञप्ति में कहा गया है कि जाफराबाद में मौजूदा जेट्टी को 500 मीटर तक बढ़ाया जाएगा और जेट्टी पर हाई मास्ट बिजली टावरों की भी मरम्मत की जाएगी। इसी तरह की बहाली का काम नवा बंदर और सैयद राजपारा के तटीय शहरों और शियाल बेट द्वीप में किया जाएगा। राज्य सरकार समुद्री बुनियादी ढांचे को बहाल करने और मजबूत करने के लिए 80 करोड़ रुपये खर्च करेगी।

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