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Cyclone Biporjoy: क्या कह रही है ग्रहों की चाल, क्या जल के साथ अग्नि तत्व के होने से उठा है 'बिपरजॉय'?

Thu, 15 Jun 2023 04:05 PM IST
Harendra Chaudhary डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

Cyclone Biporjoy: ज्योतिषियों का कहना है कि वर्तमान गोचर में कर्क राशि में शुक्र मंगल की युति हो रही है। 15 जून की शाम को सूर्य मिथुन राशि में प्रवेश करेगा। मेष राशि में गुरु-राहु का चांडाल योग बन रहा है। शनि कुंभ राशि में भ्रमण कर रहा है, जो 17 जून को वक्री हो रहा है...
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Cyclone Biparjoy - फोटो : Amar Ujala/Rahul Bisht
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विस्तार
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गुजरात के तटों की तरफ बढ़ रहा चक्रवाती तूफान बिपरजॉय बेहद खतरनाक रूप ले चुका है। गुरुवार शाम तक इसके कच्छ के जखाऊ में जमीन से टकराने की आशंका है। मौसम विभाग ने इससे भारी तबाही की चेतावनी दी है। उस समय हवाओं की रफ्तार 125 से 135 किमी/घंटा रहने का अनुमान है। जमीन पर पहुंचने के बाद हवा की रफ्तार 150 किमी/घंटा तक हो सकती है। इसकी चपेट में आस-पास के 10-12 जिले रहेंगे, लेकिन असर कई राज्यों में होगा। इस तूफान को लेकर ज्योतिषियों ने भी अपनी राय रखी है। आइए जानते हैं कि तूफान के दौरान ग्रहों-नक्षत्रों की स्थिति कैसी होगी। इस तूफान का कैसा और कितना असर होगा।

मध्यप्रदेश स्थित उज्जैन के ज्योतिषी एके तिवारी कहते हैं कि 13 से 15 जून तक तक चंद्रमा मीन और मेष राशि में भ्रमण करेगा। इसमें भी 15 तारीख को चंद्रमा मेष राशि में गुरु और राहु के साथ युति कर रहा है। 13 को रेवती, 14 को अश्विनी और 15 जून को भरणी नक्षत्र है। नक्षत्र स्वामी की स्थिति भी शुभ ग्रह की राशि में है। शनि कुम्भ राशि में स्वग्रही है और मंगल कर्क राशि में शुक्र के साथ है। सूर्य बुध की युति है। नवमेश ग्रह की स्थिति भी मध्यम है। ये सभी ग्रहों की स्थिति को देखते हुए लगता है कि कोई बड़ी आर्थिक हानि या जनहानि नहीं होगी। हवा का चलना, बादल छाए रहना या कहीं सामान्य वर्षा होना प्रतीत होता है। तटों पर कुछ प्रभाव रहेगा। कोई गंभीर घटना की आशंका नहीं हैं। जल के साथ अग्नितत्व के योग से ये तूफान उठा है।

गुजरात पर नहीं पड़ेगा किसी तरह का प्रभाव

अन्य ज्योतिष और विद्वानों का कहना है कि चंद्रमा और सूर्य पांच तत्वों को प्रभावित करते हैं। ग्रहों की स्थिति के अनुसार सूर्य और चंद्रमा दोनों से वायु, जल, अग्नि, अंतरिक्ष प्रभावित होंगे। शनि गोचर कर रहा है। मकर राशि अगल-बगल चल रही है, जिससे वातावरण में तेज गर्मी पैदा होगी। गुरु ग्रह के चलते समुद्री तूफान का ज्यादा असर नहीं होगा। इससे गुजरात पर किसी भी तरह का प्रतिकूल प्रभाव भी नहीं पड़ेगा। ग्रहों की चाल अच्छी है, लेकिन गुरु का प्रभाव होने से शनि-सूर्य पर मंगल का नकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। इससे फसलों को नुकसान होगा। गुजरात के कई जिलों में अगले 2 दिनों में भारी बारिश होगी। वहीं, 12 से 14 जून में वातावरण में कई बदलाव आएंगे। तेज हवाओं से प्राकृतिक आपदा आ सकती हैं।

शुक्र का असर बढ़ रहा है। इससे किसानों को कई समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। जैसे फसलों का बर्बाद या खराब होना। शुक्र का 10वें नंबर पर होना, फसलों के साथ खनिजों पर भी प्रतिकूल प्रभाव डाल सकता है। शुक्र और मंगल का प्रभाव 20 तारीख को थोड़ा बढ़ जाएगा। इसके साथ ही सूर्य और शनि का प्रभाव आक्रामक होने से पितृ दोष बन सकता है। अगले दो से तीन महीनों में अच्छी बारिश होगी। चार महीने तक बारिश होगी। 20 जून से बारिश की शुरुआत होगी। 12 जुलाई से 27 अगस्त तक मूसलाधार बरसात होगी।

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यह बन रहा है योग

ज्योतिषियों का कहना है कि वर्तमान गोचर में कर्क राशि में शुक्र मंगल की युति हो रही है। 15 जून की शाम को सूर्य मिथुन राशि में प्रवेश करेगा। मेष राशि में गुरु-राहु का चांडाल योग बन रहा है। शनि कुंभ राशि में भ्रमण कर रहा है, जो 17 जून को वक्री हो रहा है। कर्क राशि जल तत्व राशि है, जिसमें शुक्र और मंगल की युति हो रही है। शुक्र जल तत्व और मंगल अग्नि तत्व है। कर्क राशि में शुक्र और मंगल की युति से समुद्र में चक्रवात बना है। गुरुवार को सूर्य भी मिथुन राशि में प्रवेश कर रहा है। मिथुन संक्रांति होता है। मिथुन राशि वायु तत्व की राशि है। इसलिए सूर्य के राशि परिवर्तन से चक्रवात वायु गति से आगे बढ़ रहा है।

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