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चक्रवात अर्नब: 48 घंटे में दस्तक देगा 140 किमी/घंटे की स्पीड वाला तूफान, इन राज्यों पर पड़ेगा असर

Mon, 26 Oct 2026 04:05 PM IST
राहुल कुमार डिजिटल ब्यूरो अमर उजाला, नई दिल्ली
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चक्रवात - फोटो : एएनआई
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कैबिनेट सचिव डॉ. टीवी सोमनाथन ने 'बंगाल की खाड़ी' में आने वाले चक्रवात की तैयारियों की समीक्षा के लिए सोमवार को राष्ट्रीय संकट प्रबंधन समिति (एनसीएमसी) की एक बैठक की अध्यक्षता की है। अगले 48 घंटे में 'चक्रवाती तूफान' दस्तक देगा। इस दौरान 140 किमी/घंटे की स्पीड से हवा चलेगी। 'चक्रवाती तूफान' का असर तेलंगाना, दक्षिणी ओडिशा, दक्षिण और मध्य छत्तीसगढ़ के साथ-साथ पूर्वी उत्तर प्रदेश व बिहार के जिलों में पड़ने की संभावना है।

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भारत मौसम विज्ञान विभाग के महानिदेशक ने समिति को जानकारी दी कि पूर्वी-मध्य और उससे सटे दक्षिण-पूर्वी बंगाल की खाड़ी के ऊपर बना गहरा दबाव लगभग पश्चिम की ओर बढ़ गया है। अब एक चक्रवाती तूफान 'अर्नब' में बदल गया है। सुबह 05:30 बजे यह पूर्वी-मध्य और उससे सटे पश्चिमी-मध्य बंगाल की खाड़ी के ऊपर केंद्रित था। यह श्री विजय पुरम (अंडमान द्वीप समूह) से लगभग 590 किमी उत्तर-पश्चिम में, विशाखापत्तनम (आंध्र प्रदेश) से 650 किमी पूर्व-दक्षिण-पूर्व में, काकीनाडा (आंध्र प्रदेश) से 730 किमी पूर्व-दक्षिण-पूर्व में, मछलीपट्टनम (आंध्र प्रदेश) से 830 किमी पूर्व में और बापटला (आंध्र प्रदेश) से 910 किमी पूर्व में स्थित था। 

अनुमान है कि यह 27 अक्टूबर तक पश्चिम-उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़ेगा और फिर उत्तर-पश्चिम की ओर आंध्र प्रदेश के तट की ओर मुड़ जाएगा। इसके 28 अक्टूबर 2026 की सुबह तक एक 'बहुत गंभीर चक्रवाती तूफान' के रूप में बापटला और विशाखापत्तनम के बीच आंध्र प्रदेश और यनम तटों को पार करने की संभावना है। इस दौरान हवा की गति 115-125 किमी प्रति घंटा होगी, जो झोंकों के साथ 140 किमी प्रति घंटा तक पहुंच सकती है। 
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आंध्र प्रदेश, ओडिशा, तेलंगाना, छत्तीसगढ़ और केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी के मुख्य सचिवों/वरिष्ठ अधिकारियों ने समिति को राज्य सरकारों/स्थानीय प्रशासन द्वारा की जा रही तैयारियों के बारे में जानकारी दी। बताया गया कि पर्याप्त आश्रय स्थल और लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने (इवैक्यूएशन) की व्यवस्था कर ली गई है। एनडीआरएफ तथा एसडीआरएफ की जरूरी टीमों को स्टैंडबाय पर रखा गया है। जिला नियंत्रण कक्ष भी सक्रिय कर दिए गए हैं और वे स्थिति पर नजर रख रहे हैं।

मछुआरों को सलाह दी गई है कि वे 26 से 29 अक्टूबर के बीच दक्षिण-पश्चिम और उससे सटे मध्य बंगाल की खाड़ी, तथा आंध्र प्रदेश, ओडिशा और यनम (पुडुचेरी) के तटीय इलाकों में न जाएं। जो लोग पहले से समुद्र में थे, वे वापस आ चुके हैं। बैठक में शामिल केंद्रीय मंत्रालयों/विभागों ने समिति को बताया कि सभी मानक संचालन प्रक्रियाएं  लागू हैं, जरूरी दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए हैं, और चक्रवाती तूफान से होने वाले नुकसान को कम करने के लिए एहतियाती कदम उठाए जा रहे हैं।

राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ) ने बताया कि उन्होंने अपनी टीमें तैनात कर दी हैं। कुछ अतिरिक्त टीमों को स्टैंडबाय पर रखा गया है। सेना, नौसेना, वायु सेना और भारतीय तटरक्षक बल (इंडियन कोस्ट गार्ड) की बचाव और राहत टीमों को उनके जहाजों और विमानों के साथ तैयार रखा गया है। भारतीय तटरक्षक बल ने अब तक कई जहाजों/नावों को सुरक्षित तटों/जेटी तक पहुंचा दिया है, और बाकी जहाजों को भी तट पर वापस लौटने के लिए सतर्क कर दिया गया है। केंद्रीय गृह सचिव ने समिति को बताया कि गृह मंत्रालय, एनडीएमए और आईएमडी लगातार स्थिति पर नजर रख रहे हैं और विभिन्न मंत्रालयों/विभागों, राज्य सरकारों तथा अन्य एजेंसियों के साथ समन्वय बनाए हुए हैं।

केंद्रीय एजेंसियों और राज्य सरकारों की तैयारियों की समीक्षा करते हुए, कैबिनेट सचिव ने जोर दिया कि मुख्य उद्देश्य यह होना चाहिए कि किसी की जान न जाए और संपत्ति तथा बुनियादी ढांचे को कम से कम नुकसान पहुंचे। यदि कोई नुकसान होता भी है, तो आवश्यक सेवाओं को जल्द से जल्द बहाल किया जाना चाहिए। कैबिनेट सचिव ने यह भी निर्देश दिया कि आंध्र प्रदेश, ओडिशा, तेलंगाना, छत्तीसगढ़ और केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी के अलावा, पूर्वी उत्तर प्रदेश और बिहार में भी भारी बारिश की संभावना है, इसलिए गृह मंत्रालय और भारतीय मौसम विज्ञान विभाग को इन क्षेत्रों को भी उचित रूप से सतर्क कर देना चाहिए।

इस बैठक में केंद्रीय गृह सचिव, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, छत्तीसगढ़, ओडिशा और केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी के मुख्य सचिव/वरिष्ठ अधिकारी; पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय, मत्स्य विभाग, पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्रालय, तथा विद्युत मंत्रालय के सचिव; एनडीएमए के सदस्य, विभाग प्रमुख और सचिव; चीफ्स ऑफ स्टाफ कमेटी के अध्यक्ष के एकीकृत रक्षा स्टाफ प्रमुख; एनडीआरएफ के महानिदेशक; आईएमडी के महानिदेशक; भारतीय तटरक्षक बल के महानिदेशक; एमएचए के मीडिया और संचार महानिदेशक; तथा आईएमडी और गृह मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए।

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