चक्रवात अर्नब के कारण ओडिशा के गंजाम जिले में भारी बारिश और बाढ़ से करीब 300 गांव प्रभावित हुए हैं। राज्य सरकार 120 लोगों को पहले चरण में हवाई मार्ग से निकालने की तैयारी कर रही है। वहीं, आंध्र प्रदेश के श्रीकाकुलम में रेलवे पुल डूबने से रेल सेवाएं बाधित हुई हैं।
चक्रवात अर्नब के कारण ओडिशा और आंध्र प्रदेश में भारी बारिश और बाढ़ से हालात बिगड़ गए हैं। ओडिशा के गंजाम जिले में करीब 300 गांव पानी से घिर गए हैं। राज्य सरकार प्रभावित इलाकों में फंसे लोगों को हवाई मार्ग से निकालने की तैयारी कर रही है। वहीं, आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू ने अधिकारियों को राहत कार्य तेज करने, बिजली आपूर्ति बहाल करने और प्रभावित लोगों को जल्द मुआवजा देने के निर्देश दिए हैं। ओडिशा की मुख्य सचिव अनु गर्ग ने गुरुवार को बताया कि राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) और ओडिशा आपदा त्वरित कार्रवाई बल (ओडीआरएएफ) की टीमें प्रभावित क्षेत्रों में बचाव अभियान चला रही हैं। हालांकि, लगातार बारिश और बादल नीचे होने के कारण हेलीकॉप्टर से लोगों को निकालने में परेशानी आ सकती है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार केंद्रीय गृह मंत्रालय के संपर्क में है। पहले चरण में करीब 120 लोगों को हवाई मार्ग से निकालने की योजना बनाई गई है। भारतीय तटरक्षक बल इसके लिए हेलीकॉप्टर और जरूरी सहायता उपलब्ध कराएगा।
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गंजाम में ऋषिकुल्या नदी उफान पर
अधिकारियों के मुताबिक, गंजाम जिले के सोरड़ा समेत कई इलाके सबसे ज्यादा प्रभावित हैं। पिछले तीन दिनों से हो रही भारी बारिश के कारण ऋषिकुल्या नदी उफान पर है। इससे आसपास के कस्बों और गांवों में पानी भर गया है। आस्का में नदी का जलस्तर खतरे के निशान के करीब पहुंच गया है। दिगपहांडी ब्लॉक में भी लगातार बारिश से बाढ़ की स्थिति पैदा हो गई है। मुख्य सचिव अनु गर्ग ने कहा कि बारिश कम होने पर बचाव दल प्रभावित लोगों तक आसानी से पहुंच सकेंगे। गंजाम में ओडीआरएएफ की एक अतिरिक्त टीम भेजी गई है और एक वरिष्ठ अधिकारी बचाव तथा निकासी अभियान की निगरानी कर रहे हैं। ओडिशा के परिवहन मंत्री बिभूति भूषण जेना ने बताया कि पानी से घिरे ज्यादातर लोग सनाखेमुंडी और आस्का ब्लॉक के गांवों में फंसे हैं।
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आंध्र प्रदेश में बिजली बहाली और मुआवजे पर जोर
आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू ने जिला कलेक्टरों और विभिन्न विभागों के अधिकारियों के साथ टेलीकॉन्फ्रेंस कर चक्रवात से हुए नुकसान की समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिया कि प्रभावित इलाकों में बिजली आपूर्ति बहाल की जाए और नुकसान का आकलन कर लोगों को जल्द मुआवजा दिया जाए। सरकार की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, नायडू ने कहा, "अधिकारियों को चक्रवात से प्रभावित सभी क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति बहाल करनी चाहिए और प्रभावित लोगों को मुआवजा देने की प्रक्रिया तेज करनी चाहिए। स्थिति सामान्य होने तक राहत और बहाली के काम जारी रहने चाहिए।"
अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को बताया कि चक्रवात से हुए नुकसान की शुरुआती रिपोर्ट गुरुवार को सौंपी जाएगी। फसलों को हुए नुकसान का आकलन अलग से किया जाएगा, क्योंकि इस संबंध में मुआवजे का सरकारी आदेश पहले ही जारी किया जा चुका है। नायडू ने सड़कों पर गिरे पेड़ों को तत्काल हटाने और जमा मलबे की सफाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने तालाबों और नहरों के तटबंध टूटने की आशंका को देखते हुए एहतियाती कदम उठाने पर भी जोर दिया।
फसलों और बागवानी को नुकसान
मुख्यमंत्री ने बताया कि अल नीनो के प्रभाव से रायलसीमा क्षेत्र में मुश्किलें बढ़ रही हैं, जबकि उत्तर आंध्र, तटीय जिलों और गोदावरी नदी क्षेत्र में चक्रवात का असर देखने को मिला है। इन इलाकों में किसानों की खड़ी फसलों और नारियल के पेड़ों को नुकसान पहुंचा है। सीएम नायडू ने कृषि अधिकारियों, वैज्ञानिकों और विद्यार्थियों से जलभराव से प्रभावित फसलों को बचाने के उपाय तलाशने को कहा। उन्होंने उखड़े नारियल के पेड़ों और अन्य बागवानी फसलों को दोबारा लगाने की संभावनाओं का आकलन करने तथा प्रभावित किसानों की मदद के लिए योजनाएं लागू करने के निर्देश दिए। उन्होंने नुकसान का आकलन करने और प्रभावित लोगों तक समय पर राहत पहुंचाने के लिए तकनीक के इस्तेमाल पर भी जोर दिया।
श्रीकाकुलम में रेल सेवाएं प्रभावित
ओडिशा की मुख्य सचिव ने बताया कि भारी बारिश के कारण पड़ोसी राज्य आंध्र प्रदेश के श्रीकाकुलम जिले में रेल सेवाएं प्रभावित हुई हैं। वहां एक रेलवे पुल पानी में डूब गया है, जिससे दोनों ओर से ट्रेनों की आवाजाही रुक गई है। अधिकारियों की योजना सड़क मार्ग से फंसे यात्रियों को निकालने की है। यदि सड़क से उन्हें निकालना संभव नहीं हुआ, तो आसपास के रेलवे स्टेशनों पर उनके ठहरने और जरूरी सुविधाओं की व्यवस्था की जाएगी।
केंद्र ने मदद का दिया भरोसा
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने ओडिशा और अन्य प्रभावित राज्यों को हरसंभव सहायता देने का आश्वासन दिया है। ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर बताया कि उन्होंने अमित शाह को राज्य में चक्रवात के प्रभाव, प्रभावित जिलों की स्थिति और सरकार की ओर से चलाए जा रहे राहत एवं बहाली कार्यों की जानकारी दी। माझी ने कहा कि केंद्र सरकार का सहयोग प्रभावित परिवारों की मदद करने, लोगों की जान बचाने और राहत, पुनर्वास तथा बहाली के काम में तेजी लाने में सहायक होगा। मुख्य सचिव अनु गर्ग ने कहा कि प्रभावित क्षेत्रों में स्थिति सामान्य होने तक बचाव और राहत अभियान जारी रहेंगे। वहीं, आंध्र प्रदेश सरकार ने अधिकारियों को नुकसान का आकलन तेजी से पूरा कर प्रभावित लोगों और किसानों तक समय पर सहायता पहुंचाने के निर्देश दिए हैं।
मध्य प्रदेश: बूंदाबांदी से बढ़ी ठंड, नौ जिलों में भारी बारिश और तेज हवाओं का अलर्ट
चक्रवात अर्नब के प्रभाव से मध्य प्रदेश के कई हिस्सों में गुरुवार को बूंदाबांदी के साथ ठंड बढ़ गई। राज्य के पूर्वी हिस्से के नौ जिलों में दिन के दौरान 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है। चक्रवात कमजोर होकर पड़ोसी राज्य छत्तीसगढ़ के जगदलपुर के ऊपर पहुंच गया है। राज्य की राजधानी भोपाल में भी लगातार बूंदाबांदी हुई।
भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के भोपाल केंद्र के मौसम विज्ञानी वीएस यादव ने बताया कि पूर्वी मध्य प्रदेश के नौ जिलों सीधी, सिंगरौली, रीवा, मऊगंज, सतना, मैहर, शहडोल, उमरिया और अनूपपुर में अगले कुछ घंटों के दौरान भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। इन जिलों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं भी चलने की आशंका है। यादव ने कहा कि कमजोर हो चुका चक्रवात मध्य प्रदेश में प्रवेश नहीं करेगा। यह छत्तीसगढ़ से आगे बढ़कर बिहार की ओर जाएगा।
ओडिशा में नौ ट्रेनें रद्द, 14 के रूट बदले
चक्रवात अर्नब के कारण ओडिशा में रेल सेवाएं प्रभावित हुई हैं। गंजाम जिले में भारी बारिश के बाद बहुदा नदी का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर पहुंच गया। इसके चलते हावड़ा-चेन्नई रेल मार्ग पर गुरुवार को नौ ट्रेनें रद्द कर दी गईं, जबकि 14 ट्रेनों के रूट बदल दिए गए। पूर्व तटीय रेलवे के अनुसार, विशाखापत्तनम रेल मंडल के इच्छापुरम-झाड़ुपुड़ी खंड में दो रेलवे पुलों पर पानी खतरे के निशान से ऊपर बह रहा है। रद्द की गई ट्रेनों में भुवनेश्वर-विशाखापत्तनम वंदे भारत एक्सप्रेस, इंटरसिटी एक्सप्रेस और विशाखा एक्सप्रेस शामिल हैं। रेलवे के मुताबिक, गंजाम जिले में चक्रवात के कारण 550 मिमी बारिश हुई, जिससे बहुदा नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ा। यात्रियों की सुरक्षा के लिए एहतियाती कदम उठाए गए हैं। विभिन्न स्थानों पर फंसे यात्रियों को भोजन और पानी उपलब्ध कराया जा रहा है। रेलवे ने कहा कि जलस्तर घटने और ट्रैक सुरक्षित घोषित होने के बाद सेवाएं बहाल की जाएंगी।