प्रधानमंत्री ने कहा कि इस संकट के समय में पूरा देश पश्चिम बंगाल के साथ खड़ा है। मैं राज्य के लोगों की भलाई के लिए प्रार्थना करता हूं। स्थिति सामान्य करने के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं। बता दें कि चक्रवात के कारण पश्चिम बंगाल भारी तबाही का सामना कर रहा है।
ममता बनर्जी ने गुरुवार को कहा कि चक्रवात अम्फान के कारण राज्य में कम से कम 72 लोगों की मौत हो गई है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से प्रभावित जिलों का दौरा करने और तबाह हो गए इलाकों के पुनर्निर्माण के लिए सहायता देने का आग्रह किया।
ममता ने हर मृतक के परिवार के सदस्यों के लिए दो से ढाई लाख रुपये के मुआवजे की भी घोषणा की। उन्होंने कहा, दो जिले- उत्तरी और दक्षिणी 24 परगना पूरी तरह से तबाह हो गए हैं। हमें उन जिलों का फिर से पुनर्निमाण करना होगा। मैं केंद्र सरकार से राज्य को हरसंभव मदद देने का आग्रह करूंगी।
वहीं, गृह मंत्री अमित शाह ने बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और ओडिशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक से बात की और इस स्थिति से निपटने के लिए हर संभव सहायता उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया। शाह ने कहा कि वह दोनों राज्यों की स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।
उधर, माकपा ने चक्रवात अम्फान को राष्ट्रीय आपदा घोषित करने की मांग की है। पार्टी ने यह भी कहा कि पश्चिम बंगाल और ओडिशा को केंद्र से मदद की जरूरत है। पार्टी ने एक बयान में कहा, राहत एवं पुनर्वास इस वक्त की प्राथमिकता है।
बयान में कहा गया, देश और लोग कोविड-19 महामारी का पहले से ही सामना कर रहे हैं। दोनों राज्यों के लोगों को सरकार और देश के लोगों से मदद एवं एकजुटता की फौरन जरूरत है। केंद्र सरकार को तत्काल इसे राष्ट्रीय आपदा घोषित करना चाहिए।