जल्द ही साइबर सुरक्षा के क्षेत्र में महिलाएं भी नजर आएंगी। माइक्रोसॉफ्ट और डाटा सिक्योरिटी काउंसिल ऑफ इंडिया ने मिल कर इस सेक्टर में महिलाओं को मुफ्त में प्रशिक्षण देने की योजना बनाई है। साइबर शिक्षा प्रोग्राम के तहत इंडस्ट्री की डिमांड के मुताबिक महिला पेशेवरों में स्किल्स डेवलप किए जाएंगे।
सोमवार को साइबर शिक्षा प्रोग्राम के शुभारंभ के मौके पर माइक्रोसॉफ्ट सीएसआर की निदेशक मंजू धस्माना ने अमर उजाला से विशेष बातचीत में बताया कि साइबर शिक्षा प्रोग्राम खासतौर पर महिलाओं के लिए शुरू किया गया है। उन्होंने बताया कि डिजिटाइजेशन होने से देश में डिजिटल इकोनॉमी में तेजी आई है, जो बढ़ कर 1 ट्रिलियन डॉलर हो गई है। वहीं साइबर सुरक्षा के क्षेत्र में पेशेवरों की डिमांड बढ़ी है। धस्माना ने बताया कि नैसकॉम और मैकिंसे के मुताबिक साइबर सिक्योरिटी इंडस्ट्री की मदद से साल 2025 तक देश की आईटी सेक्टर इंडस्ट्री 350 बिलियन अमेरिकी डॉलर की हो जाएगी।
उन्होंने बताया कि साइबर सिक्योरिटी टॉस्क फोर्स की रिपोर्ट कहती है कि साइबर सिक्योरिटी इंडस्ट्री को 35 बिलियन पहुंचाने के लिए नैसकॉम और डाटा सिक्योरिटी काउंसिल ऑफ इंडिया को मिल कर काम करना होगा। इसके लिए 2025 तक 10 लाख स्किल्ड प्रोफेशनल्स की जरूरत पड़ेगी। उन्होंने बताया कि पहले में साल 500 लड़कियों को ट्रेनिंग दी जाएगी।
क्या है योग्यता
माइक्रोसॉफ्ट की मंजू धस्माना ने बताया कि साइबर शिक्षा प्रोग्राम को टियर-3, टियर-4 शहरों में फोकस किया जाएगा। इसके लिए नोएडा, पटना, हैदराबाद और मोहाली के सी-डैक केंद्रों में प्रशिक्षण दिया जाएगा। इस कार्यक्रम में हिस्सा लेने वाली लड़कियों की उम्र 21 साल से 26 साल के बीच हो।
साथ ही उनके परिवार की सालाना आय 5 लाख से कम होनी चाहिए। उन्होंने बताया कि बीटेक और कंप्यूटर बैकग्रांउड वाली विद्यार्थी ही इसमें हिस्सा ले सकेंगी। वहीं भविष्य में बीए-बीएससी करने वाली छात्राएं भी इस कोर्स में हिस्सा ले सकेंगी।
मिलेगी प्लेसमेंट सुविधा
उन्होंने बताया कि पिछले दिनों इसके लिए परीक्षा आयोजित की गई थी, जिसमें हर केंद्र के लिए 253 लड़कियों ने आवेदन किया था। सफल विद्यार्थियों को ही प्रशिक्षण कार्यक्रम के लिए बुलावा भेजा गया। उन्होंने बताया कि यह प्रशिक्षण कार्यक्रम चार महीने का होगा, जिसका सर्टिफिकेट भी दिया जाएगा।
धस्माना ने इस प्रशिक्षण कार्यक्रम के कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा और यह बिल्कुल मुफ्त होगा। इस कार्यक्रम में समय-समय पर साइबर सिक्योरिटी के विशेषज्ञों की सलाह के अलावा सॉफ्ट स्किल वर्कशॉप भी आयोजित की जाएंगी। वहीं बेस्ट टेलेंट को प्लेसमेंट सुविधा भी दी जाएगी।
इस कार्यक्रम में हिस्सा लेने के लिए विद्यार्थी https://isea-pmu.in/cybersikshaa/ पर अपना रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं। उन्होंने बताया कि मेघालय और छत्तीसगढ़ में भी सेंटर खोलने की योजना है, और जल्द ही इसके लिए रजिस्ट्रेशन ओपन किए जाएंगे।
बढ़ेगी महिलाओं की भागीदारी
इस कार्यक्रम में बोलते हुए सूचना प्रौद्योगिकी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स मंत्रालय के सचिव अजय प्रकाश साहनी ने कहा कि साइबर सिक्योरिटी में इस जगह को भरना देश की जरूरत है। इसके लिए इंडस्ट्री, सरकार और अकेडमिक को अपनी हिस्सेदारी बढ़ानी होगी और साइबर सिक्योरिटी के लिए स्किल्स विकसित करने होंगे।
उन्होंने कहा कि माइक्रोसॉफ्ट और डीएससीआई के प्रयास से न केवल साइबर सिक्योरिटी में महिलाओं को स्किल विकसित करने में मदद मिलेगी बल्कि वे इस क्षेत्र में उनकी भागीदारी भी बढ़ेगी।
माइक्रोसॉफ्ट इंडिया के अध्यक्ष अनंत माहेश्वरी ने कहा कि डिजिटाइजेशन बढ़ने से देश अब विकास के अगले चरण में पहुंच गया है। उन्होंने बताया कि अब साइबर सिक्योरिटी इंफ्रास्ट्रक्चर और एडवांस सिक्योरिटी सॉल्यूशंस बढ़ाने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि इससे नौकरियों की संख्या बढ़ेगी और स्किल्ड लोगों का कार्यबल तैयार होगा।