ईडी ने टीचर भर्ती घोटाले में अब पश्चिम बंगाल के इस मंत्री के खिलाफ चार्जशीट दाखिल, पैसे के बदले जॉब देने का मामला
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी), कोलकाता जोनल कार्यालय ने प्राथमिक शिक्षक भर्ती घोटाले के मामले में विशेष न्यायालय (पीएमएलए), कोलकाता के समक्ष चंद्रनाथ सिन्हा (विधायक और सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम और कपड़ा और सुधार प्रशासन, पश्चिम बंगाल के प्रभारी मंत्री) के खिलाफ धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए), 2002 के तहत 6 अगस्त को 6वीं पूरक अभियोजन शिकायत दर्ज की है। ईडी ने कलकत्ता उच्च न्यायालय के निर्देश पर एसीबी, सीबीआई, कोलकाता द्वारा दर्ज एफआईआर के आधार पर पीएमएलए के तहत जांच शुरू की थी। प्रवर्तन निदेशालय द्वारा पीएमएलए के तहत की गई जांच से पता चला है कि प्राथमिक शिक्षक की नौकरी, पैसे के बदले कई अयोग्य और निर्धारित मानदंडों से नीचे के रैंक वाले उम्मीदवारों को दी गई थीं।
इससे पहले 22 मार्च 2024 को चंद्रनाथ सिन्हा के आवासीय परिसर में छापेमारी की गई थी, जिसमें 41 लाख रुपये की नकदी और अन्य आपत्तिजनक रिकॉर्ड जब्त किए गए थे। जांच में आगे पता चला कि चंद्रनाथ सिन्हा के बैंक खातों में बड़ी मात्रा में नकदी जमा है। ईडी के अनुसार, राज्य के प्राथमिक शिक्षक भर्ती घोटाले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने पश्चिम बंगाल के सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम एवं वस्त्र विभाग के मंत्री चंद्रनाथ सिन्हा के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की है। जाँच एजेंसी द्वारा यह चार्जशीट कोलकाता में पीएमएलए की विशेष अदालत में दाखिल की गई है।
इससे पहले, ईडी ने इस मामले में पश्चिम बंगाल के विधायक और पूर्व शिक्षा मंत्री पार्थ चटर्जी की करीबी सहयोगी अर्पिता मुखर्जी के परिसरों की तलाशी के दौरान 49.80 करोड़ रुपये नकद और 5.08 करोड़ रुपये मूल्य के सोने के आभूषण जब्त किए थे। ईडी ने अब तक इस मामले में 7 लोगों को गिरफ्तार किया है, जिनमें पार्थ चटर्जी, विधायक और पश्चिम बंगाल के तत्कालीन शिक्षा मंत्री; सुश्री अर्पिता मुखर्जी, माणिक भट्टाचार्य, विधायक, टीएमसी और पश्चिम बंगाल प्राथमिक शिक्षा बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष, कुंतल घोष, शांतनु बनर्जी, अयान सिल और सुजय कृष्ण भद्र शामिल हैं।