देश के 155 प्रमुख जलाशयों के जल संग्रहण की कुल क्षमता 180.852 बीसीएम है, जो भारत के कुल जल भंडारण का 70.15 फीसदी है। मौजूदा वक्त में ये जलाशय अपनी कुल जल संग्रहण क्षमता के 80 फीसदी पर हैं। यह बीते साल और 10 साल के औसत दोनों के मुकाबले अहम सुधार है।
देश के प्रमुख जलाशयों में वर्तमान जल संग्रहण 145.416 बिलियन क्यूबिक मीटर (बीसीएम ) है। यह बीते साल के इसी वक्त के दौरान दर्ज किए संग्रहण स्तर का 125 फीसदी अधिक है। वहीं, यह बीते 10 साल के औसत से 117 फीसदी अधिक है। केंद्रीय जल आयोग (सीडब्ल्यूसी) के नवीनतम बुलेटिन में यह खुलासा हुआ है।
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देश के 155 प्रमुख जलाशयों के जल संग्रहण की कुल क्षमता 180.852 बीसीएम है, जो भारत के कुल जल भंडारण का 70.15 फीसदी है। मौजूदा वक्त में ये जलाशय अपनी कुल जल संग्रहण क्षमता के 80 फीसदी पर हैं। यह बीते साल और 10 साल के औसत दोनों के मुकाबले अहम सुधार है। सीडब्ल्यूसी के मुताबिक, ये जलाशय देश में कृषि, औद्योगिक और पेयजल जरूरतों को पूरा करने में अहम भूमिका निभाते हैं।
पश्चिम के जलाशय लबालब
पश्चिमी क्षेत्र (गोवा, गुजरात, महाराष्ट्र) में जल स्तर सबसे ज्यादा है, जो कुल क्षमता का 91 फीसदी है। यह पिछले साल के 79 फीसदी और 10 साल के औसत 71 फीसदी के स्तर से काफी बेहतर है।
मध्य क्षेत्र के हालात भी सुधरे, दक्षिण में राहत...मध्य क्षेत्र (उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़) और दक्षिणी क्षेत्र में जल स्तर 83 फीसदी है। उत्तरी क्षेत्र (हिमाचल प्रदेश, पंजाब, राजस्थान) में जल स्तर केवल 56 फीसदी है, जो पिछले साल के 69 फीसदी और 10 साल के औसत से कम है।