केंद्रीय सतर्कता आयोग (सीवीसी) नोटबंदी के दौरान केंद्र सरकार के कर्मचारियों द्वारा जमा कराए गए नोटों की जांच करेगा। सीवीसी के प्रमुख केवी चौधरी ने रविवार को इसकी जानकारी दी।
चौधरी ने कहा कि आयोग ने आयकर अधिकारियों से इस संबंध में जानकारी मांगी हैं। उन्होंने कहा, ‘हमने पहले ही केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) से आंकड़े मांगे हैं। हमें और रिफाइंड आंकड़े मिलेंगे और उसके आधार पर हम आगे बढ़ेंगे।’
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चौधरी ने कहा कि वह इस प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के संबंध में कर प्राधिकरणों से बातचीत कर चुके हैं। देश भर में नकदी जमा करने संबंधी हुई लेनदेन की संख्या काफी अधिक होने के कारण उन्होंने कर प्राधिकरणों से इस बात पर चर्चा की कि इसे कैसे आगे बढ़ाया जाए।
मालूम हो कि पीएम नरेंद्र मोदी ने पिछले साल 8 नवंबर को 500 और 1000 रुपये के पुराने नोटों को बंद करने की घोषणा की थी। उन्होंने कहा, ‘हम यह पता करेंगे कि केंद्रीय कर्मचारियों द्वारा जमा कराया गया नकद उनकी आय के अनुकूल है या नहीं। चूंकि सीबीडीटी पहले ही यह काम हर किसी के लिए कर रहा है भले ही वह केंद्रीय कर्मचारी हो या नहीं। हमने सीबीडीटी की मदद ली है। हमें अभी आंकड़े मिलने शेष हैं।’