सीवीसी ने सीबीआई से सभी बड़ी धोखाधड़ी करने वालों की जानकारी ईडी से साझा करने को कहा है। इससे जांच के समय ही धनशोधन निवारण अधिनियम के तहत कार्यवाही की जा सकेगी।
केंद्रीय सतर्कता आयोग (सीवीसी) भ्रष्टाचार के मामलों में केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) के कामों को देख रहा है। यह निर्णय करोड़ों रुपये के कॉरपोरेट धोखाधड़ी को देखते हुए लिया गया। अधिकारियों के अनुसार, इससे जांच करते समय ही धोखाधड़ी करने वालों के खिलाफ कड़े कदम उठाए जा सकते हैं।
कई ऐसे मामले देखने को मिले जिन्हें सीबीआई ने बाद में ईडी को दिया मगर उस समय तक उसके महत्वपूर्ण सबूत नहीं मिल पाये जिसकी वजह से दोषियों को सजा दिलाने में देरी होती है या उनके द्वारा धोखाधड़ी किए गए रुपयों को खोजने में दिक्कत होती है।
सूत्रों के अनुसार, सीबीआई ने अब ईडी से सूचनाएं साझा करना शुरू कर दिया है। इसके साथ ही सीबीआई पब्लिक सेक्टर बैंकों के लिए एक केंद्रीय विभाग बना दिया है जो 50 करोड़ या उससे ऊपर के धोखाधड़ी के मामलों को देखेगी।