कस्टम अधिकारियों ने मंगलवार को निलंबित आईएएस अधिकारी एम. शिवशंकर को सोने की तस्करी के हाईप्रोफाइल मामले में औपचारिक तौर पर गिरफ्तार कर लिया। केरल के मुख्यमंत्री पी. विजयन के पूर्व प्रधान सचिव शिवशंकर को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) पहले ही इस मामले में गिरफ्तार कर चुकी है और फिलहाल वह जेल में बंद है।
आईएएस अधिकारी शिवशंकर को ईडी पहले ही ले चुकी है इस मामले में हिरासत में
दरअसल 5 जुलाई को तिरुवनंतपुरम में यूएई दूतावास के राजनयिक सामान के तौर पर अवैध तरीके से तस्करी कर लाया जा रहा 30 किलोग्राम सोना पकड़ा गया था। इस मामले में एनआईए, कस्टम और ईडी अलग-अलग जांच कर रहे हैं। शिवशंकर के संबंध दूतावास की पूर्व कर्मचारी स्वप्ना सुरेश के साथ पाए गए थे, जो इस तस्करी रैकेट की सरगना है। कस्टम इस मामले में स्वप्ना समेत 15 लोगों को अब तक गिरफ्तार कर चुका है।
शिवशंकर का नाम सामने आने के बाद उन्हें निलंबित कर दिया गया था। इसके बाद ईडी ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया था। ईडी की गिरफ्तारी के खिलाफ शिवशंकर ने हाईकोर्ट में जमानत अर्जी दाखिल की थी, जो 17 नवंबर को खारिज हो गई। इसके बाद कस्टम अधिकारियों ने उन्हें रिमांड पर लेने की कोशिश शुरू कर दी थी। सोमवार को कस्टम अधिकारियों की याचिका पर विशेष पीएमएलए अदालत ने शिवशंकर को गिरफ्तार करने की इजाजत दे दी थी।
सूत्रों के मुताबिक, इजाजत मिलने के बाद कस्टम (प्रिवेंटिव) कमिश्नरेट के अधिकारियों ने जेल पहुंचकर शिवशंकर को अपनी हिरासत में लेने की औपचारिकता पूरी की। गिरफ्तारी के बाद कस्टम ने एर्नाकुलम के अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (आर्थिक अपराध) के सामने शिवशंकर को 10 दिन के विभागीय रिमांड पर लेने की याचिका दाखिल की। रिमांड रिपोर्ट में कस्टम अधिकारियों ने दावा किया है कि मुख्य सरगना स्वप्ना ने 18 नवंबर को अट्टाकुलांगरा वनिता जेल में पूछताछ के दौरान शिवशंकर के तस्करी गतिविधियों में सहयोगी होने का खुलासा किया है।