विमानन मंत्रालय ने गुरुवार को कहा कि घरेलू एयरलाइनों में वर्तमान पायलट-विमान अनुपात 'पर्याप्त' है। मंत्रालय की ओर से यह टिप्पणी तब आई है, जब पिछले महीने इंडिगो की उड़ानों में बड़े पैमाने पर व्यवधान आया। कई उड़ानों को रद्द किया गया था और कई उड़ानों देरी देखने को मिली थी। इसमें पायलटों की थकान कम करने के नए नियमों को ठीक से लागू करने की योजना न बनाना भी शामिल था।
विमानन राज्य मंत्री मोहोल ने क्या कहा?
विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) के नियमों के मुताबिक, प्रति विमान फ्लाइट क्रू और केबिन क्रू की संख्या कम से कम तीन सेट होनी चाहिए। विमानन राज्य मंत्री मुरलीधर मोहोल ने कहा, (उड़ानों का) संचालन सुनिश्चित करने के लिए सभी एयरलाइनों की ओर से पायलट-विमान अनुपात का मूल्यांकन किया जाता है, जिसमें विमान बेड़े के विस्तार और संचालन की जरूरतें ध्यान में रखी जाती हैं।
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पायलट-विमान अनुपात पर क्या कहा?
उन्होंने आगे कहा कि नियमित समीक्षा की जाती है, ताकि एयरलाइनों का संचालन निरंतर सुरक्षित रहे, पायलटों के आराम और काम के बीच संतुलन को नुकसान न पहुंचे। लोकसभा में लिखित जवाब में मंत्री ने कहा कि वर्तमान में भारत में घरेलू एयरलाइनों में पायलट-विमान अनुपात पर्याप्त है। हालांकि, उन्होंने कोई खास विवरण नहीं दिया।
दिसंबर में इन वजहों से आया था इंडिगो संकट
इंडिगो में दिसंबर की शुरुआत में हुए व्यवधानों के मुख्य कारणों में उड़ानों का अत्यधिक इस्तेमाल, नियामक तैयारी की कमी, सिस्टम सॉफ्टवेयर की कमियां और प्रबंधन व संचालन नियंत्रण में खामियां शामिल थीं।
'अध्ययन करने के बाद बनाए गए नए नियम'
मंत्री के मुताबिक, संशोधित पायलट ड्यूटी नियम संघीय विमानन प्रशासन (एफएए), यूरोपीय संघ सुरक्षा एजेंसी (ईएएसए), कनाडा के परिवहन मंत्रालय और अन्य देशों के नियमों का अध्ययन और तुलना करने के बाद बनाए गए। उन्होंने कहा, डीजीसीए ने एफडीटीएल नियम बनाने के लिए अंतरराष्ट्रीय नागरिक उड्डयन संगठन (आईसीएओ) के मानक और सर्वोत्तम प्रथाओं को भी ध्यान में रखा।
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'जानकारी ट्रैक करने के लिए बनाई निगरानी प्रणाली'
नियामक ने उड़ानों के रद्द होने और देर होने की जानकारी को ट्रैक करने के लिए एक निगरानी प्रणाली भी स्थापित की है। रिपोर्ट के अनुसार, डीजीसीए सभी शेड्यूल ऑपरेटरों के एफडीटीएल और थकान जोखिम प्रबंधन की समय-समय पर समीक्षा कर रहा है। सभी ऑपरेटर तिमाही थकान रिपोर्ट जमा करते हैं और डीजीसीए की ओर से विश्लेषण किया जाता है।