आने वाले 21 जून को देश-विदेश में 11वां अंतरार्ष्ट्रीय योग दिवस मनाने की तैयारी उत्साहपूर्ण तरीके से चल रही है। भारत से लेकर अमेरिका तक में इस दिवस के लिए लोगों के मन में एक अलग उत्साह देखने को मिल रहा है। बात अगर भारत की तैयारियों की करें तो संस्कृति मंत्रालय भी 21 जून को 11वां अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पूरे देश में बड़े उत्साह के साथ मनाने जा रहा है।
संस्कृति मंत्रालय इस दिन भारत के 100 प्रसिद्ध पर्यटन स्थलों और 50 सांस्कृतिक स्थलों पर एक साथ योग सत्र आयोजित किए जाएंगे। बता दें कि मुख्य कार्यक्रम आंध्र प्रदेश के विशाखापट्टनम में होगा, जहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी खुद योग सत्र का नेतृत्व करेंगे। उनके साथ आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू और उपमुख्यमंत्री पवन कल्याण भी शामिल होंगे।
भारतीय दूतावास ने आयोजित किया कार्यक्रम
बात अगर अमेरिका में इस दिवस ी धूम-धाम की करें तो, अंतरराष्ट्रीय योग दिवस से पहले भारतीय दूतावास ने वाशिंगटन में योग सत्र का आयोजन किया। इस अवसर में भारी मात्रा में वहां लोग उपस्थित हुए और योग सत्र में हिस्सा लिया।
'स्वास्थ्य जीवन के लिए योग बहुआयामी तरीका'
वाशिंगटन में आयोजित योग दिवस के अवसर पर आनंद मार्ग योग एवं ध्यान केंद्र के आचार्य मधुवर्तानंद अवधूत ने योगा की विशेषता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि पहले योगी भगवान शिव थे, जो 7000 साल पहले इस धरती पर आए थे। आचार्य ने कहा कि योग के तीन अलग-अलग भाग हैं। योग आसन, योग दर्शन और योग साधना। उन्होंने कहा कि योग स्वस्थ जीवन जीने का एक बहुआयामी तरीका है। योग विश्व शांति ला सकता है और यह मानव समाज को एकजुट कर सकता है।
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भारत में योग सत्र के लिए चुने गए स्थान
संस्कृति मंत्रालय की तरफ से योग दिवस जिन ऐतिहासिक और संस्कृतिक स्थानों पर मनाने की तैयारी चल रही है। इनमें कई यूनेस्को द्वारा मान्यता प्राप्त विश्व धरोहर स्थल जैसे कि चराइदेव मोइदम (असम), रानी की वाव और धोलावीरा (गुजरात), हम्पी और पट्टदकल (कर्नाटक), खजुराहो और सांची (मध्य प्रदेश), सूर्य मंदिर, कोणार्क (ओडिशा), एलिफेंटा गुफाएं (महाराष्ट्र), बृहदेश्वर मंदिर, तंजावुर (तमिलनाडु) शामिल है।
कौन-कौन से होंगे ऐतिहासिक स्थलों?
अब बात अगर ऐतिहासिक स्थलों की करें तो इसमें गोलकोंडा किला और सालारजंग म्यूजियम (हैदराबाद), हुमायूं का मकबरा, पुराना किला, सफदरजंग का मकबरा (दिल्ली), जलियांवाला बाग (अमृतसर), चित्तौड़गढ़ और कुम्भलगढ़ किले (राजस्थान), लेह पैलेस (लद्दाख), परी महल (श्रीनगर), बेकल किला (केरल), कूचबिहार और हज़ारद्वारी महल (पश्चिम बंगाल) जैसे स्थानों के नाम शामिल हैं।
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अब बात पुरातत्व विभाग के कार्यक्रम की
वहीं अब अगर बात पुरातत्व विभाग की तरफ से आयोजित कार्यक्रम की करें तो पुरातत्व विभाग (एएसआई) भी पंजाब और हरियाणा के 5 ऐतिहासिक स्थलों पर योग कार्यक्रम करेगा। इसमें बठिंडा किला, शमशेर खान का मकबरा, बटाला, महाराजा रणजीत सिंह का किला, फगवाड़ा, जलियांवाला बाग, अमृतसर और टूटा हुआ किला, हांसी (हरियाणा) का नाम शामिल है।