त्योहारी मौसम के बावजूद वायु प्रदूषण के कारण दिल्ली में कारोबार में गिरावट की आशंका है। इस वजह से चैंबर ऑफ ट्रेड और इंडस्ट्री (सीटीआई) ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखा है। पत्र में चैंबर ने मांग की है कि कारोबार में गिरावट के कारण दिल्ली, हरियाणा, पंजाब और उत्तर प्रदेश सरकार के साथ एक आपातकालीन बैठक बुलाई जाए।
खरीददारी के लिए कतरा रहे हैं लोग
सीटीआई अध्यक्ष ब्रिजेश गोयल ने कहा कि प्रदूषण के वजह से त्योहारी सीजन के रहते हुए भी कारोबार में गिरावट हो रही है। पत्र में गोयल ने मांग की है कि केंद्र सरकार चारों राज्यों के साथ मिलकर वायु प्रदूषण पर चर्चा करें और प्रदूषण के खिलाफ सख्त और ठोस कदम उठाएं। बता दें, दिल्ली में हवा की गुणवत्ता गंभीर हो चुकी है। लोग अब खरीददारी के लिए घर से बाहर निकलने में कतरा रहे हैं। उन्होंने बताया कि आम दिनों में रोजाना करीब तीन से चार लाख लोग एनसीआर से दिल्ली आते थे और अब सिर्फ एक लाख लोग ही दिल्ली आ रहे हैं।
केंद्र ही प्रदूषण का समाधान ढूंढ सकती है
गोयल ने आगे कहा कि अभी दिवाली, धनतेरस का वक्त है। इसके बाद शादियों का सीजन भी आ रहा है। पहले दूसरे शहरों से भी खरीददारी के लिए लोग दिल्ली आते थे लेकिन अब प्रदूषण के कारण वे दिल्ली नहीं आ रहे हैं। लोगों को यहां सांस लेने में दिक्कत हो रही है। लोग परेशान हैं। प्रदूषण सिर्फ दिल्ली में ही नहीं बल्कि, एनसीआर शहरों नोएडा, फरीदाबाद, गुरुग्राम और सोनीपत सहित तमाम शहरों में भी परेशानी खड़ी कर रहा है। दिल्ली और आसपास के शहरों का एक्यूआई स्तर गंभीर श्रेणी में है। केंद्र सरकार ही इसका समाधान ढूंढ सकती है।
दिल्ली के 20 लाख व्यापारी सरकार के साथ खड़े हैं
सीटीआई ने कहा कि दिल्ली सरकार अपने स्तर पर काम कर रही है। लेकिन आस पास के शहरों में प्रदूषण दिल्ली सरकार नियंत्रित नहीं कर सकती। इसके लिए केंद्र सरकार को ही हस्तक्षेप करना होगा। गोयल ने पत्र में पीएम से मांग की है कि जल्द से जल्द आपातकालीन बैठक बुलाई जाए, जिसमें दिल्ली, हरियाणा, पंजाब और उत्तर प्रदेश की सरकारें भी शामिल हों। सीटीआई ने अनुरोध किया है कि व्यापार को नुकसान से बचाने के लिए केंद्र सरकार प्रदूषण के खिलाफ सख्त कदम उठाए। दिल्ली के 20 लाख व्यापारी सरकार के साथ हैं। अगर सरकार दुकान खोलने के लिए अन्य समय तय करती है तो व्यापारी सरकार के फैसले का पालन करेंगे।