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CSS Day: पीएम मोदी की 5 प्रतिज्ञाओं पर आगे बढ़ेंगे केंद्रीय सचिवालय सेवा के अधिकारी, मिलेगी बड़ी जिम्मेदारी

Sat, 01 Oct 2022 07:18 PM IST
Harendra Chaudhary डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

CSS Day: सीएसएस दिवस के मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सीएसएस अधिकारियों को संदेश भेजा है। प्रधानमंत्री ने जोर देकर कहा कि सीएसएस का लंबा अनुभव, पारदर्शिता और भविष्य की दृष्टि, अमृतकाल में देश की आशाओं और महत्वाकांक्षाओं को पूरा करने में सहायक होगी...
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CSS Day 2022 - फोटो : Amar Ujala
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विस्तार
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केंद्रीय सचिवालय सेवा 'सीएसएस' अधिकारियों ने शनिवार को 103वां स्थापना दिवस मनाया। इस सेवा को भारत सरकार की रीढ़ के रूप में जाना जाता है। सीएसएस अधिकारियों ने अपने स्थापना दिवस पर निश्चय किया है कि वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पांच प्रतिज्ञाओं पर आगे बढ़ेंगे। इन प्रतिज्ञाओं में विकसित भारत बनाना, दासता के किसी भी निशान को हटाना, विरासत पर गर्व, एकता और अपने कर्तव्यों को पूरा करना शामिल है। पीएम मोदी ने शासन को और अधिक प्रभावी बनाने में उल्लेखनीय योगदान देने के लिए सीएसएस के अधिकारियों की प्रशंसा की है।

शनिवार को केंद्रीय सचिवालय सेवा के अधिकारियों ने डॉ. अंबेडकर इंटरनेशनल सेंटर, नई दिल्ली में 103वें सीएसएस दिवस समारोह का आयोजन किया। सीएसएस, स्वतंत्रता से पहले वर्ष 1919 में, इंपीरियल सचिवालय सेवा, लेवलिन-स्मिथ समिति की शाखाओं में से एक के रूप में अस्तित्व में आई थी। इसे मोंटेग्यू-चेम्सफोर्ड सुधारों की शुरूआत की पूर्व संध्या पर स्थापित किया गया था। यह वही शाही सचिवालय सेवा है, जिसे स्वतंत्रता के उपरांत केंद्रीय सचिवालय सेवा का नाम दिया गया।

सीएसएस दिवस के मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सीएसएस अधिकारियों को संदेश भेजा है। प्रधानमंत्री ने सीएसएस अधिकारियों के योगदान की सराहना की है। भारत सरकार में नीतियों के निर्माण और उनके कार्यान्वयन में सीएसएस अधिकारियों की बहुत महत्वपूर्ण भूमिका है। प्रधानमंत्री ने जोर देकर कहा कि सीएसएस का लंबा अनुभव, पारदर्शिता और भविष्य की दृष्टि, अमृतकाल में देश की आशाओं और महत्वाकांक्षाओं को पूरा करने में सहायक होगी।

सीएसएस डे पर बतौर मुख्य अतिथि शामिल हुए, सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने सीएसएस अधिकारियों के महत्व को बताया। उन्होंने अमेरिका की उपराष्ट्रपति कमला हैरिस के दादा पीवी गोपालन के बारे में भी बात की, जो कि एक सीएसएस अधिकारी थे और सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय में अवर सचिव के रूप में कार्यरत रहे थे। गडकरी ने कहा कि उन्हें विश्वास है कि सेंट्रल विस्टा परियोजना के पूरा होने के बाद केंद्र सरकार में सीएसएस अधिकारियों की भूमिका और भी महत्वपूर्ण होने जा रही है। इससे भारत सरकार के विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय करने में खासी मदद मिलेगी। इस अवसर पर प्रताप चंद्र सारंगी, पूर्व राज्य मंत्री (एमएसएमई), रमेश बिधूड़ी, सांसद भी उपस्थित रहे। इन्होंने प्रशासन में सीएसएस अधिकारियों की महत्वपूर्ण भूमिका के बारे में बताया। कार्यक्रम में सीएसएस अधिकारियों द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रम और 'अमृत काल में नया भारत बनाने की दिशा में सीएसएस की उभरती भूमिका' पर पैनल चर्चा भी आयोजित की गई।

केंद्रीय सचिवालय आधिकारियों ने आगे के 25 सालों में देश को नयी ऊंचाइयों पर पहुंचाने के लिए नीति निर्माण एवं उसके कार्यान्वन को लेकर विस्तृत चर्चा की। सीएसएस फोरम के महासचिव, मनमोहन वर्मा ने प्रधानमंत्री मोदी के सपनों को मूर्त रूप देने के लिए, सभी अधिकारियों को पुरजोर तरीके से काम में जुटने का आह्वान किया। प्रधानमंत्री मोदी ने लाल किले की प्राचीर से 2047 के लिए जो पांच प्रतिज्ञाएं की हैं, उस दिशा में गंभीरता से काम किया जाएगा। वर्मा ने सभी अधिकारियों से आग्रह किया है कि वे अपने मंत्रालयों में इन प्रतिज्ञाओं पर बड़ी बारीकियों के साथ काम कर इन्हें अमल में लाने का प्रयास करें।

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