सीएसआईआर के महानिदेशक (डीजी) डॉ शेखर मांडे
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वैज्ञानिक और औद्योगिक अनुसंधान परिषद (सीएसआईआर) की दिल्ली स्थित प्रयोगशाला 'सीआरआईएसपीआर-कैस इम्युनिटी' के अध्यन पर काम कर रही है। उनके पास इस विशेष फील्ड में काम करने का कोरोना से पहले से ही अनुभव है। सीएसआईआर के महानिदेशक (डीजी) डॉ शेखर मांडे ने इसकी जानकारी दी।
मांडे ने कहा, सीएसआईआर प्रयोगशाला ने फेलुदा नामक एक पेपर-आधारित परीक्षण किट विकसित की है और इसे 'ड्रग कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया' (डीसीजीए) से औपचारिक स्वीकृति मिली है। उन्होंने बताया कि यह एक अलग तरह की मशीन है।
उन्होंने कहा कि आरटीपीसीआर आरएनए का पता लगाएगा और ये पोलीमरेज चेन रिएक्शन का प्रयोग करते हुए बढ़ता है, जो कि महंगा भी है। यह पेपर-आधारित परीक्षण आरएनए का भी पता लगाता है लेकिन एक सीआरआईएसपीआर निर्देशित प्रणाली द्वारा। अगर कोई वायरस आरएनए का नमूना दिखाने के लिए 45 मिनट में पॉजिटिव है तो पेपर लाइट करता है।